सपा राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन का काफिला जैसे ही अलीगढ़ से गुजरा, वैसे ही टायर फेंके गए और काले झंडे दिखाए गए। काफिले में गाड़िया एक दूसरे से भिड़ गईं।
सपा सांसद के काफिले के गुजरने के वक्त 27 अप्रैल को जो कुछ हुआ। उसमें प्रथम दृष्टया हल्का प्रभारी दरोगा-बीट सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। साथ में एसएचओ गभाना के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले में एसपी सिटी को पुलिस लापरवाही की जांच सौंपी गई है, जो ये इनपुट जुटाएंगे कि आखिर यह सब हो गया और चौकी से लेकर थाने तक किसी को भनक नहीं लगी। साथ में सोमना मोड़ पर एकत्रित लोगों के विषय में किसी को जानकारी नहीं हुई। उसके बाद अन्य कई लोगों पर गाज गिर सकती है।
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एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि इस पूरे मामले में हल्का दरोगा एसआई आलोक शर्मा व बीट सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। साथ में एसएचओ विनय कुमार के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। जिसमें लापरवाही, इनपुट न मिलने व पहले से कार्यक्रम तय होने के बावजूद गभाना टोल के आसपास के इलाकों में पुलिस सक्रिय न होने के सवालों पर जांच होगी।
एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में यह तो माना गया है कि कम से कम सोमना मोड़ पर हुए घटनाक्रम की बीट सिपाही व हल्का दरोगा को तो जानकारी हो जानी चाहिए थी। अगर उन्हें जानकारी हुई तो उसे हल्के में लेना गंभीर रहा। नहीं हुई तो उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल करती है। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है। साथ में एसएचओ की भूमिका जांच में साफ होगी। उसी आधार पर अन्य लोगों पर कार्रवाई तय होगी।