विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच विकास की बात जरूर होती है। चूंकि, प्रदेश में चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं तो लोगों ने यहां भी विकास की बातें शुरू कर दी हैं। इसी चुनावी चर्चा के बीच हमने अपने जिले की सबसे प्रमुख सीट अतरौली के लोगों से उनकी राय जानी। मौजूदा सरकार के मंत्री संदीप सिंह इस सीट से विधायक हैं तो लाजमी है कि लोगों को इनसे उम्मीद भी अधिक है। लोग कहते हैं कि विकास तो हुआ, सड़कों पर बहुत काम हुआ। मगर अभी रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर काम होने की जरूरत है। जिस तरह से अतरौली लगातार बढ़ रहा है, उसके अनुसार यहां बेहतर रोजगार और बेहद स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है।
बेबाकी से अपनी राय व्यक्त करते हुए लोग कहते हैं कि एक जमाने में अतरौली के लोगों को हर छोटी बड़ी चीज के लिए अलीगढ़ या किसी अन्य बड़े शहर के सहारे रहना होता था। अब सब मिलता है। मगर बच्चों को उच्च शिक्षा और किसी गंभीर बीमारी में बेहतर इलाज के लिए आज भी अलीगढ़ जाना पड़ता है। इसी तरह किसानों के लिए बड़ी मंडी, गन्ना मिल और वेयर हाउस जैसे संसाधन, बेरोजगार युवाओं के रोजगार के लिए बड़ी इंडस्ट्री भी अतरौली की जरूरत है। इन मुद्दों पर बहुत काम होना अभी बाकी है।
लोगों की राय--
- विकास हुआ, सड़कों की सूरत बदली। मगर किसानों के लिए बहुत समस्याएं हैं। जंगली व आवारा जानवरों पर कोई नियंत्रण नहीं है। फसलें बर्बाद होती हैं। इसी तरह किसानों की फसल रखने के लिए बड़े वेयर हाउस, बड़ी मंडी और किसानों की सहूलियत के लिए अन्य महत्वपूर्ण काम होना जरूरी है। - अवधेश कुमार किसान, गूलापुर
- हमारे यहां डिग्री कॉलेज बना है। मगर, उच्च शिक्षा यानी एमए, एमएससी, बीएड आदि प्रमुख डिग्री हासिल करने के लिए अलीगढ़ या फिर दिल्ली, नोएडा जाना पड़ता है। शिक्षा के क्षेत्र में कुछ काम अभी होना बाकी है। इस ओर भी हमारे जनप्रतिनिधियों को ध्यान देना चाहिए। - भावना शर्मा छात्रा, खेरापतान
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- ये बात तो नेता खुद ही बता सकते हैं कि अतरौली में कितना और क्या विकास हुआ है। गड्ढामुक्त अभियान में अभी बहुत सड़कें शेष हैं। पिछड़ा इलाका होने के कारण यहां सबसे ज्यादा जरूरत बड़े अस्पताल में स्वास्थ्य संसाधनों की, उच्च शिक्षा के लिए डिग्री कॉलेज और रोजगार की है। जिस पर ध्यान नहीं दिया गया। -मिलन शर्मा, किसान खेराबाद
- देखते ही देखते अतरौली बहुत बदल रहा है। बहुत कुछ मिला भी है। मगर अभी हमारे क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। अतरौली का 100 बेड का सीएचसी किसी रेफरल यूनिट की तरह काम करता है। किसी भी बड़ी बीमारी पर डॉक्टर हाथ लगाने के बजाय सीधे रेफर करते हैं। ऐसे में अलीगढ़ भागना पड़ता है। - डॉ.ऊषा अरोरा, लेखिका, खत्रीपाड़ा
- सड़कों पर काम हुआ है। यहां पर सौ बेड का अस्पताल है। मगर उसमें संसाधनों की कमी है। डिग्री कॉलेज और उच्च शिक्षा के लिए अलीगढ़ या दिल्ली जाना बेहद खलता है। इस दिशा में जनप्रतिनिधियों को सोचना चाहिए ताकि लोगों को यहीं पर सुविधाएं मिल सकें। - इंजी. हिमांशु मित्तल गुप्ता, युवा समाजसेवी
विधायक बोले --
प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री व अतरौली विधायक संदीप सिंह कहते हैं कि चुनाव जीतने के पहले और 2017 में निर्वाचित होने के बाद से अतरौली को परिवार के रूप में देखा है। हर आम व खास से अटूट संबंध बना है। साढ़े चार साल में अतरौली की तस्वीर बदलने का पूरा प्रयास किया है। जब चुनाव लड़ने आया, तब से अब तक क्षेत्र में विकास कार्य ही प्राथमिक रहे हैं। चुनावी जनसंपर्क के दौरान सर्वाधिक आवश्यकता सड़कों की देखी। मन में पीड़ा भी थी कि पूर्व की सरकार इस आधारभूत सुविधा से जनता को नहीं जोड़ा। मैंने सड़कों पर बहुत तेजी से काम कराया, जो जीता जागता उदाहरण है। रोजगार व शिक्षा के लिए भी बेहतर प्रयास किए। मैंने व हमारी सरकार ने अतरौली में विकास के हर संभव प्रयास किए हैं। विकास के लिए साढ़े चार साल बेहद कम समय हैं। भविष्य में मेरा प्रयास आंगनबाड़ी, स्कूल, खेल मैदान, सड़क, बिजली, पानी, खाद, राशन, स्वास्थ्य, यातायात, पर्यटन आदि से अतरौली को लाभान्वित करने का है। 2027 तक विकास की इबारत लिखने का प्रयास किया जाएगा।
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ये हुए महत्वपूर्ण कार्य
- बड़ी संख्या में सड़कों का निर्माण, राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, राजकीय डिग्री कॉलेज, चार राजकीय इंटर कॉलेज की स्वीकृति, पहली बार सोलर स्ट्रीट योजना के तहत नरौना, जिरौली धूम सिंह, खेड़ीआ, रफतपुर, दादों, कीनोली, सांकरा बाजार, गंगीरी, बरला, बरला चौराहा, काजिमाबाद सौर ऊर्जा लाइट से जगमग, सीएचसी अतरौली पर ऑक्सीजन प्लांट, सरस्वती विद्या मंदिर में 10 लाख की कंप्यूटर लैब, कंचनपुर बूढ़ी गंगा पर पुल निर्माण, काजिमाबाद पशु अस्पताल में आवासीय भवन, बड़ेसरा में किसान कल्याण केंद्र, बिजौली मंदिर पर 50 लाख से निर्माण आदि।
अवधेश कुमार- फोटो : CITY OFFICE
राज्यमंत्री संदीप सिंह।- फोटो : CITY OFFICE