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अलीगढ़ की शीला गौतम को बहन मानते थे अटल बिहारी

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भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को जानने वाले लोग आज भी उनकी यादों को दिल में सहेजकर रखे हैं। ऐसे जैसे कल की बात हो। रखेंगे भी क्यों नहीं। आखिर अलीगढ़ से उनका गहरा रिश्ता था। यहां की चार बार सांसद रही शीला गौतम को वह बहन मानते थे। आज भी यहां के लोग अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धा एवं आदर से याद करते हैं।
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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं है। यहां की चार बार प्रतिनिधित्व कर चुकी शीला गौतम की भी अब यादें शेष रह गई हैं। दोनों के बीच के मधुर एवं स्नेह भरे रिश्ते को लोग जरूर याद करते हैं। शीला गौतम के पुत्र राहुल गौतम कहते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी मां को बहन मानते थे। हर साल 25 दिसंबर को उनके घर जाकर जन्म दिन की शुभकामनाएं देती थीं। कारगिल के शहीदों के लिए शीला गौतम ने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को 10 लाख रुपये का चेक भेंट किया था। शीला गौतम के लिए वोट मांगने अटल बिहारी वाजपेयी जरूर अलीगढ़ आते थे। अपने जीवन काल में 8 से 10 बार या उससे अधिक बार वह अलीगढ़ आए।
नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव राजा कहते हैं कि मई 1996 में कंपनीबाग में आयोजित थैली भेंट कार्यक्रम के सिलसिले में वह अलीगढ़ आए थे। उस कार्यक्रम का संचालन उन्होंने किया था। कार्यक्रम के बाद संजीव राजा की पीठ थपथपा कर गए थे। कंपनीबाग में काफी संख्या में लोग अटल बिहारी वाजपेयी को सुनने आए थे। छर्रा में एक कार्यक्रम के सिलसिले में विजय राजे सिंधिया के साथ आए थे। कार से जा रहे थे। उस समय एसवी कॉलेज के पास मीनाक्षी पुल नहीं बना था। रेलवे फाटक बंद था। इस पर उन्होंने चुटकी ली थी कि हम देर से पहुंचेंगे, लेकिन पहुंचेंगे जरूर। संजीव राजा कहते हैं कि सड़क मार्ग से घूमने के कारण अटल बिहारी वाजपेयी को सड़क से संबंधित समस्याओं का अहसास था।
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2001 में प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज योजना शुरू की, ताकि लोग देश केे एक कोने से दूसरे कोने तक आसानी से आ-जा सकें। उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं अन्य कर्मकार परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष ठाकुर रघुराज सिंह कहते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी मस्तमौला इंसान थे। मेरा सौभाग्य है कि उनके नजदीक रहने का मौका मिला है। 2004 में शीला गौतम के चुनाव प्रचार के सिलसिले में आए थे। उस समय वह प्रधानमंत्री थे। उनकी सभा की अध्यक्षता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
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