केंद्रीय विधि मंत्री एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने यह कहकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा दी है कि विधान सभा चुनाव 2017 में भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। बसपा एवं कांग्रेस कहीं नजर नहीं आएंगी। मंगलवार को भाजपा महानगर एवं जिला इकाई के तत्वावधान में केंद्र सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर गूलर रोड स्थित गायत्री पैलेस में आयोजित विकास पर्व कार्यक्रम में शामिल होने आए सदानंद गौड़ ने पत्रकारों के समक्ष नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया और बुंदेलखंड का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार पीने का पानी देने को भी राजनीति की नजर से देख रही है। विधानसभा चुनाव में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह को लाने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला पार्टी अध्यक्ष अमित शाह करेंगे।
तरह-तरह के आरोप में जेल में बंद मुस्लिम युवाओं की रिहाई एवं पुनर्वास से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि इसको लेकर सरकार गंभीर है। क्रिमिनल जस्टिस में रिफार्म के लिए इस मामले को नवगठित लॉ कमीशन के बाद भेजा गया है। 3-4 महीने में रिपोर्ट आने के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी। एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप पर सरकार के बदले रुख पर उन्होंने कहा कि एएमयू अल्पसंख्यक स्वरूप के पैरामीटर में नहीं आ रहा है। यह बात कोर्ट भी कह चुकी है। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
मोदी के मंत्रियों पर दो साल में कोई नहीं लगा सका आरोप
केंद्रीय विधि मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा एवं पंचायती राज राज्य मंत्री निहाल चंद्र ने नरेंद्र मोदी सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों का जमकर बखान किया। उन्हाेंने यहां दावा किया कि दो साल में नरेंद्र मोदी के मंत्रियों पर कोई भी एक आरोप नहीं लगा सका। गौड़ ने कहा कि कांग्रेस के राज में सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी थी। इसके उलट, प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने प्रशासन में पारदर्शिता लाई है। संबोधन के दौरान बिजली की आंखमिचौली पर चुटकी लेते हुए विधि मंत्री ने कहा कि यह अखिलेश यादव का करंट है, आता-जाता रहता है। उन्हाेंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो स्थिति दूसरी होगी।
डीवी सदानंद गौड़ा एवं निहाल चंद्र अलीगढ़ में मंगलवार को आयोजित भाजपा के विकास पर्व कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। पंचायती राज राज्य मत्री ने खुद को मंत्री से पहले भाजपा का कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि कांग्रेस के 68 साल के राज का दुनिया ने तमाशा देखा है। जबकि नरेंद्र मोदी के दो साल के कार्यकाल में पूरा विश्व भारत की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहा है। मुद्रा योजना की स्थापना से 3.52 करोड़ नवजवानों को लाभ हुआ है। 2019 तक कोई गरीब नहीं बचेगा। बेघरों के लिए 1 करोड़ घर बनाने की योजना है। इसी तरह 2 लाख 292 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों को दिए जा रहे हैं। एक ग्राम पंचायत को सीधे 50 लाख रुपये दिए जाएंगे। इतनी राशि पहले किसी सरकार ने नहीं दी।
इस मौके पर स्थानीय सांसद सतीश गौतम ने भी केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाएं एवं उपलब्धिएं गिनाईं। भाजपा के ब्रज क्षेत्र के महामंत्री भानु प्रताप ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने से अमेरिका में लोग कह रहे हैं कि अमेरिका का राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री जैसा हो। इससे पूर्व भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्रियों का जोरदार स्वागत किया। इसके कारण वहां काफी देर तक अफरा-तफरी बनी रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत एवं मंच संचालन डॉ. राजीव अग्रवाल एवं मानव महाजन ने किया। अतिथियों का परिचय डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कराया। मंच पर पूर्व सांसद शीला गौतम, मेयर शकुंतला भारती, अलीगढ़ प्रभारी रजनीकांत माहेश्वरी जिलाध्यक्ष चौधरी नत्थी सिंह, पूर्व विधायक राम सिंह, संजीव राजा, आशुतोष वार्ष्णेय, पूनम बजाज, सुनील पांडेय, अनिल पाराशर, रामसखी कठेरिया, उमेश कुमारी, मीना कुमारी, विक्रम सिंह हिंडोल आदि मौजूद थे। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं ने खेरेश्वर धाम से लेकर गूलर रोड स्थित गायत्री पैलेस तक कई स्थानों पर केंद्रीय मंत्रियों को स्वागत किया।
उपस्थित भाजपा नेता
कार्यक्रम संयोजक मनीष राय, योगेंद्र सिंह लालू, शल्यराज सिंह, संदीप चाणक्य, आशा सिंह, मनोज शर्मा, शिवा पाठक, कृष्णा गुप्ता, गौरव शर्मा, चंद्रमणि कौशिक, चुनमुन शर्मा, भूपेंद्र वार्ष्णेय, शैलेंद्र गुप्ता, वैभव कुमार, पुष्पेंद्र सिंह जादौन, यतेंद्र वाईके, अजय जलेसरिया, हेमंत गर्ग, ओम प्रकाश लोधी, सुंदर लाल सोनकर आदि।
योजनाओं की बखान.......
अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना, बेटी बचाओ, मेक इन इंडिया, सुकन्या समृद्धि योजना, सुरक्षा बंधन, स्टैंड अप इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान आदि।