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अशरफ ही नहीं, 34 बच्चों की राह देख रहे घरवाले

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दीपक शर्मा, अलीगढ़।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के लापता छात्र अशरफ अली का 12 दिन बाद भी पता नहीं लगने पर साथी छात्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। हालांकि, एएमयू प्रशासन और पुलिस अपने अपने स्तर से तलाश में जुटे हैं। जिले में गुमशुदगी का यह पहला मामला नहीं है। पिछले तीन साल में 119 बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए। इनमें से 82 बच्चे परिजनों को वापस मिल गए, जबकि तीन की हत्या कर दी गई। बाकी 34 बच्चों की राह उनके घरवाले अभी भी देख रहे हैं।
कुछ दिन पहले लापता छात्र अशरफ अली के परिजन अलीगढ़ आए थे। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी। बेटे की बरामदगी की गुहार लगाई थी। लेकिन 12 दिन गुजरने के बाद भी अशरफ का पता नहीं लग पाया है।
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विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली कहते हैं कि सारी बात अशरफ अली के मोबाइल पर अटक गई है। उसका मोबाइल ऑन हो तो उसकी लोकेशन मिले और उसकी आईडी को भी ट्रेस किया जा सकता है। लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ है। शनिवार को एसपी सिटी ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से संपर्क किया था और घटनाक्रम के संबंध में बातचीत की थी।
बच्चों की गुमशुदगी के कुछ प्रमुख मामले, जिनकी तलाश जारी है
- अतरौली क्षेत्र के गांव सूरतगढ़ के रहने वाले जय सिंह का 17 वर्षीय बेटा मनोज दिसंबर 2017 से लापता।
- सिविल लाइन के मोहम्मद सलीम का 14 वर्षीय बेटा मोहम्मद सुजात 26 अक्टूबर 2017 से लापता।
- सिविल लाइन के मोहल्ला फिरदौस नगर के रहने वाले सत्तार का 16 वर्षीय बेटा मोहम्मद इसरार दो जनवरी 2018 से लापता।
- खैर कस्बे के पप्पू शर्मा का पांच वर्षीय बेटा करन शर्मा 25 अप्रैल 2018 से लापता।
- क्वार्सी क्षेत्र के किशनपुर के दुर्गा प्रसाद का 15 वर्षीय बेटा आकाश सैनी आठ फरवरी 2019 से लापता।
- बन्नादेवी के साईं विहार सारसौल के मनमोहन का 16 वर्षीय बेटा दीपांशु 13 फरवरी 2019 से लापता।
- सासनीगेट के मुरलीधर का 17 वर्षीय बेटा कन्हैया 20 जनवरी 2020 से लापता।
किस थाना क्षेत्र से कितने बच्चे लापता (यह आंकड़े जनवरी 2018 से मई 2020 तक के हैं। स्रोत: पुलिस विभाग)
- थाना जीआरपी क्षेत्र से 17 बच्चे लापता, 14 बच्चे मिले, तीन की तलाश जारी है।
- आरपीएफ के क्षेत्र से 8 बच्चे लापता, सात मिले, एक की तलाश जारी है।
- थाना सिविल लाइन क्षेत्र से 19 बच्चे लापता, 13 मिले, छह की तलाश जारी है।
- सासनी गेट क्षेत्र से 17 बच्चे लापता, 11 मिले, छह की तलाश जारी है।
- बन्नादेवी क्षेत्र से 10 बच्चे लापता, 7 मिले, तीन की तलाश जारी है।
- क्वार्सी क्षेत्र से 10 बच्चे लापता, सात मिले, तीन की तलाश जारी है।
- कोतवाली क्षेत्र से 6 बच्चे लापता, 4 मिले, दो की तलाश जारी है।
- देहली गेट क्षेत्र से 10 बच्चे लापता, 7 मिले, तीन की तलाश जारी है।
- गांधी पार्क क्षेत्र से 9 बच्चे लापता, 5 मिले, चार की तलाश जारी है।
- खैर क्षेत्र से 3 बच्चे लापता, 2 मिले, एक की तलाश जारी है।
- अकराबाद क्षेत्र से एक बच्चा लापता हुआ, बाद में वह मिल गया।
- गभाना क्षेत्र से एक बच्चा लापता हुआ, बाद में वह मिल गया।
- मडराक क्षेत्र से एक बच्चा लापता हुआ, तलाश अभी जारी है।
- इगलास क्षेत्र से 2 बच्चे लापता, एक मिला, एक की तलाश जारी है।
- अतरौली क्षेत्र से 3 बच्चे लापता, दो मिले, एक की तलाश जारी है।
चाइल्ड लाइन संस्था ने 620 बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचाया
लापता हुए बच्चों को उनके परिवार तक पहुंचाने में अलीगढ़ की चाइल्ड लाइन संस्था बहुत मददगार साबित हो रही है। संस्था अलीगढ़ ही नहीं, अन्य शहरों से भटक कर आए बच्चों को भी उनके परिवारों तक पहुंचाने का काम करती है। चाइल्ड लाइन संस्था के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा कहते हैं कि वर्ष 2015 से लेकर अब तक उनकी संस्था 620 बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचा चुकी है।
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- जो बच्चे लापता चल रहे हैं, उनकी तलाश का काम जारी है, जहां से भी बच्चों के संबंध में सुराग मिलता है, पुलिस उस दिशा में सक्रियता के साथ जुट जाती है। इस संबंध में संस्थाओं की मदद ली जाती है। संचार माध्यमों की भी सहायता ली जाती है। अगर कोई बच्चा नहीं मिल रहा है तो यह न समझा जाए कि पुलिस उसकी तलाश नहीं कर रही है। पुलिस अपने स्तर से लगातार काम कर रही है।
- मुनिराज जी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अलीगढ़
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