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Aligarh News: हमेशा की तरह पुलिस फूंक-फूंककर रख रही कदम

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एएमयू में फिलिस्तीन के समर्थन में छात्रों द्वारा जुलूस निकाले जाने का मामला जिस तरह देश दुनिया में सुर्खियों में है। उसकी गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया। मगर कार्रवाई के नाम पर हमेशा की तरह फूंक-फूंककर कदम रख रही है। अभी एएमयू की मदद से सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं और कुछ कौनों के सीसीटीवी के फुटेज मांगे गए हैं। ताकि यह साफ हो सके कि किसके कहने पर यह जुलूस निकला और कौन-कौन लोग इसमें शामिल रहे।
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एएमयू में तीन दिन पहले फिलिस्तीन के समर्थन में छात्रों द्वारा जुलूस निकाला गया और अल्लाह ओ अकबर के नारे लगाते हुए उनका समर्थन किया गया। इसके बाद से ही देश भर में तरह तरह का शोर मचा हुआ है। इसी शोर के बीच दो दिन पहले पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में वायरल वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसमें बिना अनुमति जुलूस निकालकर निषेधाज्ञा उल्लंघन, भावनाएं भडक़ाने और भडक़ाऊ नारेबाजी संबंधी धाराएं लगाई गई हैं।



इधर, इस मामले में देश में सांसदों व तमाम नेताओं की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस स्तर से मंगलवार को नामजद किए गए आरोपी छात्र नेताओं के बयान दर्ज किए गए। मगर अभी तथ्यों व साक्ष्यों के संकलन पर काम चल रहा है। पुलिस स्तर से पूरे जुलूस के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। जिसमें शुरुआत से लेकर अंत तक के तथ्य देखे जा रहे हैं। इसमें कौन शुरुआत कराने में शामिल रहे और कौन लोग जुलूस में शामिल रहे। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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कुछ सीसीटीवी फुटेज एएमयू से मांगे गए हैं। ताकि तस्वीर साफ हो सके। वहीं नामजदों व अन्य शामिल लोगों के नाम के साथ-साथ इनकी कक्षाएं, उनके मूल पते, स्थानीय पते का ब्योरा भी एएमयू से मांगा गया है। पुलिस द्वारा फूंक फूंककर कदम रखने के पीछे पूर्व के इतिहास को ध्यान में रखा जा रहा है। प्रयास है कि सभी के नाम, पते आदि तस्दीक हो जाएं तो अदालत से उनके खिलाफ वारंट आदि प्राप्त किए जाएं। हालांकि मुकदमा जमानती धाराओं का है। इसके लिए न्यायालय में साक्ष्य रखा जाएगा।



अगर न्यायालय स्तर से गिरफ्तारी वारंट दिया जाएगा तो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी का भी प्रयास होगा। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस विजय सिंह इतना ही बताते हैं कि प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं, जो नाम सामने आए हैं, उनकी पूरी पहचान मांगी गई है और कुछ जगहों के सीसीटीवी फुटेज भी एएमयू से मांगे गए हैं। ताकि उनके नाम पते भी एएमयू से मदद लेकर साफ किए जा सकें। इसके बाद न्यायालय से अनुमति लेकर विधिक कार्रवाई तय की जाएगी। इधर, बता दें कि इस मामले में पहले दिन से आरोपियों पर देश की धारा के विपरीत जुलूस निकालने पर सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है।
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