मंडल के 100 बीएड कालेजों की 2022 -23 के लिए मान्यता नहीं है। न ही इन कालेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विश्व विद्यालय के स्तर से अनुमोदन कराया गया है। ऐेसे में इन कालेजों में इस साल बीएड के दाखिले संभव नहीं हो सकेंगे। यह खुलासा राजा महेंद्र प्रताप विश्व विद्यालय के कुल सचिव ने किया है। इस बारे में कुल सचिव की ओर से सभी बीएड कालेजों को पत्र भेजे गए हैं, जिनमें उनसे बीएड की मान्यता एवं शिक्षकों के अनुमोदन के प्रमाण मांगे हैं। दोनों में से कोई एक प्रमाण नहीं मिला तो इन कालेजों में बीएड के दाखिले नहीं हो सकेंगे।
राजा महेंद्र प्रताप विवि से संबद्ध मंडल के 250 कालेजों में बीएड की कक्षाएं संचालित होती है। इनमें से कुछ कालेजों में बीएड की स्थाई मान्यता है तो कुछ को अस्थाई मान्यता मिली हुई है। बीएड पाठ्यक्रम राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीईआरटी) और विश्व विद्यालय अधिनियम के अनुसार अस्थाई मान्यता वाले कालेजों को एक या दो साल बाद नवीनीकरण कराना होता है। इस समय विवि के पास जो सूची उपलब्ध है, उसमें मंडल के अलीगढ़, एटा, कासगंज और हाथरस जिलों के 100 कालेजों ने बीएड की अस्थाई मान्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है। इतना ही नहीं कुछ ऐसे भी कालेज भी हैं जिन्होंने भर्ती किए गए शिक्षकों का अनुमोदन विश्व विद्यालय स्तर से नहीं कराया है। अत: इनको भी बीएड के लिए अमान्य कालेज की सूची में शामिल किया गया है।
इस बारे में कुल सचिव महेश कुमार का कहना है कि बीएड कक्षाओं वाले कालेज के प्राचार्यों से 20 मई तक मान्यता और शिक्षकों की नियुक्ति के अनुमोदन पत्र मांगे हैं। जिन कालेजों से यह पत्र नहीं मिलेंगे वह बीएड प्रवेश परीक्षा में सम्मलित नहीं हो सकेंगे। इन सभी कालेजों से इन सूचनाओं के लिए दो मर्च 2022 और 31 मार्च 2022 को पत्र लिखे गए थे लेकिन उन्होंने इन पत्रों के आधार पर कोई जवाब नहीं दिया है। कुल सचिव का कहना है कि यह पत्र आखिरी होगा, इसके बाद न कोई पत्र जारी नहीं किया जाएगा और न ही उनके जवाब पर विचार हो सकेगा।