पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में एंटी रेबीज टीका (एआरवी) खत्म होने से लोग परेशान हैं। यहां प्रतिदिन 60 से 80 लोग कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली आदि के काटने पर एआरवी लगवाने पहुंचते हैं।
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में 24 जनवरी से एआरवी खत्म हैं। इसकी वजह से रोज 60 से 80 लोग निराश होकर वापस लौट रहे हैं। इसमें बच्चे एवं बुजुर्ग भी काफी संख्या में शामिल हैं। सर्दी के दिनों में कुत्ता एवं बंदरों के काटने के मामले ज्यादा आते हैं। जानवरों के काटने के 72 घंटे के अंदर एआरवी लगाया जाता है।
टीका न लगवाने पर रेबीज रोग होने का खतरा रहता है। लेकिन दीनदयाल चिकित्सालय में एआरवी उपलब्ध नहीं होने से लोग परेशान हैं। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक से लेकर 24 जनवरी के बीच अस्पताल में 1515 लोगों को एआरवी लग चुका है। प्रत्येक दिन का औसत 63 से अधिक है। दीनदयाल चिकित्सालय में एआरवी उपलब्ध न होने से मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में भीड़ बढ़ गई है। सोमवार को वहां तीन सौ से अधिक लोग एआरवी लगवाने पहुंचे थे। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर का कहना है कि लखनऊ से टीका मंगाने की कोशिश कर रहे हैं। चीफ फार्मेसिस्ट को निर्देशित कर दिया गया है।