खेतों में अन्ना मवेशी फसलों को तबाह कर रहे हैं। सड़क पर ऐसे पशु दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं। फसल चौपट कर मवेशी किसानों को तगड़ी चोट दे रहे हैं, राहगीरों को घायल कर रहे हैं। अन्ना मवेशियों से राहगीर तथा किसान दोनों ही परेशान हैं।
अलीगढ़ के दादों क्षेत्र में अन्ना मवेशी किसानों और राहगीरों के लिए समस्या बने हुए हैं। सड़क से लेकर खेतों तक मवेशी धमाचौकड़ी कर रहे हैं। गौशालाओं में गोवंश को सरंक्षण देकर किसानों को राहत देने के तमाम दावे धरातल पर झूठे नजर आ रहे हैं।
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दादों क्षेत्र में छोटी- बड़ी दो गौशालाएं हैं। गांव लेहरा सलेमपुर स्थित गौशाला के निर्माण के बाद आज तक उसमें गोवंशों को नहीं रखा गया है। जिससे ग्रामीणों ने उस पर अपना कब्जा कर लिया है। पशु विभाग तथा ग्राम पंचायतों को गोवंश संरक्षण का जिम्मा दिया गया है। मगर कोई भी विभाग अपनी जिम्मेदारी को निभाने में कामयाब होता नहीं दिख रहा है।
आलम यह है कि खेतों में अन्ना मवेशी फसलों को तबाह कर रहे हैं। सड़क पर ऐसे पशु दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं। फसल चौपट कर मवेशी किसानों को तगड़ी चोट दे रहे हैं, राहगीरों को घायल कर रहे हैं। अन्ना मवेशियों से राहगीर तथा किसान दोनों ही परेशान हैं।
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अन्ना मवेशी
अन्ना मवेशी वे छुट्टा गोवंश है जो सड़क, गली, खेत कहीं भी बैठे हुए और टहलते नजर आ जाते हैं। इन पशुओं के कारण खेत में फसल को नुकसान होता है, वहीं सड़क पर इन पशुओं के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं।