भले ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली में फर्जी शिक्षिका बबली यादव की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन पुलिस की जांच में बेसिक शिक्षा विभाग मदद करने को तैयार है। वहीं, पुलिस को विभाग के संदिग्ध कर्मचारियों पर नजर है।
अनामिका शुक्ला के नाम व शैक्षिक अभिलेखों के सहारे फर्जी तरीके से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली में संविदा पर नौकरी करने वाली बबली यादव को कई दिनों की मशक्कत के बाद शनिवार को थाना पालीमुकीमपुर की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बबली की गिरफ्तारी और उसकी बातों के आधार पर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आती है तो शिक्षा विभाग स्वयं भी मामले की जांच करेगा और पुलिस की जांच में मदद भी करेगा।
उधर, पुलिस ने अपने स्तर से इस फर्जीवाड़े की जांच शुरू कर दी है और विभाग के कर्मचारियों पर नजर गड़ा दी है। शक अगर हकीकत में बदला तो कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। इस संबंध में बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा कि विभाग जांच में पुलिस को मदद करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि वह भी चाहते हैं अगर किसी की इस मामले में संलिप्तता है तो उसका राज खुलना चाहिए।