अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) द्वारा इस बार ईद मिलन समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। अमुटा कार्यकारिणी सदस्यों ने देश के मौजूदा हालातों को देखते हुए इस बार ईद मिलन समारोह नहीं करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय जम्मू-कश्मीर की जनता को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए लिया गया है।
अमुटा द्वारा हर साल ईद मिलन समारोह आयोजित किया जाता है। अमुटा के सचिव प्रोफेसर नजमुल इस्लाम ने बताया कि कश्मीर, बाढ़ और लिंचिंग से पीड़ित नागरिकों की पीड़ा को देखते हुए कार्यकारिणी सदस्यों ने ईद मिलन समारोह आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा अमुटा सदस्यों ने सरकार से यह मांग की है कि कश्मीर की जनता की परेशानी जल्द से जल्द दूर की जाए और लिंचिंग से पीड़ित परिवारों को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि 7 सितंबर को अमुटा की आम सभा प्रस्तावित है। उसमें अन्य कई अहम मसलों पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही अमुटा सचिव ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 370 हटने के पक्ष या विपक्ष में हम बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि कर्फ्यू लगने के बाद जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को हो रही परेशानी दूर करने की मांग कर रहे हैं। अमुटा के सचिव ने कहा कि कर्फ्यू के कारण बीमार लोगों को दवा मिलने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा कई दूसरी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
बता दें कि इससे पहले ईद के अवसर पर जम्मू कश्मीर के संपर्क अधिकारी द्वारा एएमयू छात्रों को दावत दी गई थी। एएमयू के गेस्ट हाउस नंबर 1 में ईद के दिन दावत का आयोजन होना था। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल द्वारा दावत के लिए एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन यहां पढ़ने वाले छात्रों ने दावत का बहिष्कार कर दिया था। अब एएमयू के शिक्षकों ने ईद मिलन समारोह नहीं करने का निर्णय लिया है।