जेल से पेशी पर के दौरान उसकी आईडी से वीडियो फोटो सोशल मीडिया पर दबंगई, अपराधी गिरोह के सदस्यो और उसी अंदाज में रील और फोटो डाले जाते थे। जेल से छूटते ही उसने सोशल मीडिया पर खुद को सक्रिय किया और कुछ युवकों को जोड़ा। अपनी दहशत बनाने के लिए इस घटना को उसी पुराने अंदाज में अंजाम दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि जुबैर और उसके भाइयों के पकड़े जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन वह खौफ फैलाने के लिए घटना होने से इन्कार भी नहीं कर रही है।
एसएसपी नीरज जादौन कहते हैं यासिर-फहद ने हत्या की है। जुबैर की भूमिका स्पष्ट है। अब उनके पकड़े जाने के बाद हत्या के अन्य सभी कारणों, उसके दिल्ली के किन किन ग्रुपों से संपर्क हैं, इन सवालों व अलीगढ़ में सक्रिय उसके ग्रुपों पर भी काम होगा। ये नकारा नहीं जा सकता कि उसने दिल्ली के कई ग्रुपों से संपर्क बनाए हैं।