अलीगढ़। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई भारत विरोधी नारेबाजी और उसके बाद हुई वहां के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद एएमयू छात्रों ने मंगलवार को एएमयू परिसर में मार्च निकाला। साथ ही ज्ञापन देकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाई। एएमयू छात्र भारत विरोधी नारेबाजी के तो खिलाफ हैं लेकिन उसके बाद जो छात्रों की गिरफ्तारी और पूरे जेएमयू को दोषी ठहराया जा रहा है, उसके विरोध में हैं। छात्रों ने कन्हैया को रिहा करने की भी मांग की है।
मंगलवार को छात्र नेता फहीम, मो. शिकोह आदि के नेतृत्व में छात्र मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पास इकट्ठा हुए। फहीम ने कहा कि देश के खिलाफ जेएनयू की जमीन से नारेबाजी होना बहुत ही बड़ा अपराध है। छात्र तो वह होते हैं जो अपने वतन के लिए जान की बाजी लगा देते हैं। हम सभी ऐसे देशद्रोहियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग यहां एएमयू की जमीन से करते हैं। लेकिन यह भी ध्यान रहे कि सजा किसी निर्दोष को न मिले। जो दोषी है उसको सजा मिलेगी तभी इंसाफ होगा। छात्र नेता मो. शिकोह ने कहा कि एएमयू के छात्रों ने कभी भी देश के खिलाफ कोई बात न कही है और न सुन सकते हैं। इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों को सामने लाना चाहिए। इसके साथ ही छात्रों ने लाइब्रेरी से होते हुए वीसी लॉज, स्टाफ क्लब, गेस्ट हाउस होकर बाब ए सैयद गेट तक पहुंचे। यहां पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इस अवसर पर महफूज आलम, शहंशाह खान, सलमान सिद्दीकी, शहजाद, आमिर आदि मौजूद थे।