एएमयू के पूर्व कुलपति और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. तारिक मंसूर ने अपनी एमएलसी निधि से एएमयू में इंजीनियर कॉलेज वाले हिस्से में 16 सोलर लाइटें लगवाई थीं। इन लाइटों पर पट्टिका भी लगाई गई जिस पर उल्लेख था कि यह लाइटें किस निधि से और किसके सौजन्य से लगाई गई हैं। एक साइड में मुख्यमंत्री की फोटो भी है। इसी को लेकर 16 अक्तूबर को एएमयू के कुछ छात्रों ने एतराज करते हुए हंगामा कर दिया। छात्रों ने सीढ़ी लगाकर एक लाइट से वह पट्टिका उतरवाई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। छात्रों की दलील थी कि कैंपस में किसी भी प्रकार की राजनीतिक मिजाज वाली तख्ती बैनर को न लगाया जाए।
पट्टिका हटाने की सूचना मिलते ही छात्रों का एक दूसरा समूह इसके विरोध में खड़ा हो गया। इन छात्रों का कहना था कि यदि सोलर लाइटें एमएलसी निधि से लगी हैं और वह पट्टिका लगाते हैं, तो उसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। पट्टिका हटाने का विरोध कर रहे छात्र नेता अमित गोस्वामी ने कहा कि शुक्रवार को डीएम से मुलाकात करेंगे और कार्यवाही की मांग करेंगे।
यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि एमएलसी निधि से यूनिवर्सिटी परिसर में सोलर लाइट लगवाई गई हैं। किसी भी खंभे से सीएम की पट्टिका नहीं हटवाई गई है। कुछ छात्र इकट्ठा हुए थे जिनको समझा कर शांत कर दिया गया।