फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एएमयू छात्र नहीं..पर सुलेमान-आरएम हाल थे मुनीर का ठिकाना

Thu, 30 Jun 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
मुनीर मेहताब - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
विज्ञापन
एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर हत्याकांड में 50 हजार के इनामी मुनीर मेहताब की गिरफ्तारी के बाद अपने जिले के 9-9 जघन्य अपराधों का खुलासा होने पर अलीगढ़ पुलिस भी नोएडा पहुंची। उससे स्थानीय कनेक्शन पर तमाम राज उगलवाए। उसने खुद स्वीकारा कि वह प्रयासरत था, मगर एएमयू में दाखिला नहीं ले पाया था। फिर भी सुलेमान हॉल व आरएम हॉल उसके ठिकाने बने हुए थे। जहां आजमगढ़ व बिजनौर गुट के अपने दोस्तों संग वह रहता था। जब भी कोई घटना होती तो वह फरारी के लिए सऊद की रिश्तेदारी में या फिर हरेंद्र सिंह-वीरेश प्रधान के बताए ठिकाने पर शरण पाता था।
विज्ञापन

दिल्ली व अलीगढ़ में एक ही बाइक से लूट
मुनीर से पूछताछ के लिए मंगलवार को ही एसओजी टीम इंचार्ज छोटेलाल नोएडा पहुंच गए थे। बुधवार को सिविल लाइंस, बन्नादेवी, क्वार्सी व बरला पुलिस नोएडा गईं। जहां मुनीर से उसने स्वीकारा कि दिल्ली व अलीगढ़ में जो भी वारदातें की, उसने उसी पल्सर बाइक से कीं। जो बरामद हुई है। उसने वरुण, दीपू ठाकुर को रकम देने से लेकर एएमयू में छात्रसंघ सचिव रहे मंजर, एएमयू दुहरे हत्याकांड में जेल में निरुद्ध हस्सान, सऊद, अतीउल्ला, शादाब व आशुतोष से दोस्ती स्वीकारी। एएमयू से बाहर के तमाम कनेक्शन भी बताए।
बिना प्लान के रकम-हथियार दिखते ही करता लूट
अलीगढ़ पुलिस के सामने उसने स्वीकारा कि वह किसी घटना को अंजाम देने के लिए पहले से कोई कभी प्लानिंग नहीं करता था। बस उसे सूचना मिल जाए या दिखाई दे जाए तो यूं ही घटना कर डालता था। उदाहरण के तौर पर उसने खुद स्वीकारा कि गिरफ्तारी के समय उसके पास 90 हजार रुपये शेष रह गए थे। हालांकि वह जरूरत पर मामा के पास रखे रुपयों में से रुपये मंगा सकता था। चूंकि इस समय पुलिस पीछे थी। इसलिए यह रकम खर्च होने पर वह दूसरी लूट कर लेता। इसके लिए वह सोच भी रहा था।
विज्ञापन

वरुण से पूछताछ और दीपू की तलाश जारी
मुनीर द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर मंगलवार को हिरासत में लिए गए इंडसइंड बैंक के कर्मचारी वरुण पंडित प्रतिभा कॉलोनी से पुलिस पूछताछ में लगी है। उससे उसके अन्य साथियों के नाम उगलवाए जा रहे हैं। अंदेशा है कि शहर में अन्य लूटों में भी उससे कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग सकते हैं। वहीं सासनी के गांव कौमरी निवासी दीपू ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए हाथरस पुलिस से भी मदद ली जा रही है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार वरुण को 32-35 लाख की लूट में बृहस्पतिवार को जेल भेजा जाएगा।
लूटकांड के बाद क्यों छोड़ा गया वरुण को
अब वरुण को हिरासत में लेने के बाद तत्कालीन पुलिस टीम पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उस समय जब रेलवे रोड वाली लूट हुई थी। उस समय भी पुलिस ने वरुण को दो बार पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। मगर दोनों बार उसे छोड़ दिया गया। इस पर सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या पुलिस हकीकत नहीं उगलवा पाई या छोड़ने के पीछे कोई और वजह रही।
सभी मुकदमों में शुरू हुईं विवेचनाएं, जल्द जाएंगे वी वारंट
महानगर के क्वार्सी से दो रिवाल्वर लूट, सिविल लाइंस से तीन हत्याएं, एक लूट, बन्नादेवी से एक लूट और बरला से एक हत्या के मुकदमों की विवेचनाएं विवेचकों ने शुरू कर दी हैं। बुधवार को विवेचना शुरू होने संबंधी पर्चे भी काटे गए हैं। सभी मुकदमों में अदालतों से वी वारंट बनवाकर उसे जल्द ही अलीगढ़ लाया जाएगा। इसके बाद सभी मुकदमों में एक साथ या एक-एक कर उसे रिमांड पर लिया जाएगा।
फहद हत्याकांड में नए मोड़ पर आया सवाल
अलीगढ़। मुनीर द्वारा किए गए खुलासे के बाद क्वार्सी की दो रिवाल्वर लूट, बरला में सद्दाम की हत्या, सिविल लाइंस में आलमगीर हत्याकांड, सिपाही की हत्या व पिस्टल लूट, 32 लाख की लूट और बन्नादेवी में 35 लाख की लूट में तो बात समझ में आ रही है। मगर अमीर निशा में कारोबारी फहद हत्याकांड में नए मोड़ पर सवाल खड़ा हो गया है। अन्य मुकदमों की प्रगति तो शून्य थी या फिर मुनीर पर संदेह था या मुनीर नामजद था। इसलिए उसकी तलाश इन मुकदमों में जारी थी।
मगर फहद हत्याकांड में तो बड़ा पेच खड़ा हो गया है। इस मुकदमे में पुलिस खुलासा करने के साथ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है, जिसमें मुनीर पर फरारी में चार्जशीट दायर की गई है। इस हत्या में वजह मात्र हॉर्न बजाने पर टोकाटाकी की बताई गई है। अदालत में सत्र परीक्षण की शुरुआत के साथ एक गवाही भी हो गई है, जिसमें हॉर्न बजाने पर टोकाटाकी का साक्ष्य सामने आया है। मगर अब मुनीर के हवाले से हरेंद्र वीरेश के कहने पर हत्या करने के साक्ष्य को मुकदमे में कैसे शामिल किया जाएगा।
यह सवाल बड़ा है। दूसरा सवाल यह भी बड़ा है कि पुलिस का पहला खुलासा सही था या फिर अब नया खुलासा सही है। अगर कोई एक खुलासा सही है तो कौन सा खुलासा सही है। इसे लेकर खुद परिवार भी चिंतित है। वहीं पुलिस भी इसे लेकर जांच शुरू करने की बात कह रही है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस इतना ही कहते हैं कि अभी इन पहलुओं पर जांच की जाएगी। जब उसे रिमांड पर लिया जाएगा, तब अन्य तथ्य उगलवाए जाएंगे। इसके बाद ही कुछ तय होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें