एएमयू में छात्र गुटों के बीच फायरिंग में दो पूर्व छात्रों की हत्या के बाद हुए बवाल के बाद माहौल अब सामान्य हैं। इस कांड के बाद एएमयू इंतजामिया और जिला पुलिस प्रशासन गंभीर रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में पहली बार जिला स्तर पर इस हिंसक कांड की जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वस्टीकेशन टीम) का गठन किया गया है। एसपी सिटी अंशुल गुप्ता व एसपी क्राइम पीके तिवारी के कोआर्डिनेशन में एसआईटी में जिले के 19 थाना प्रभारी व दरोगा शामिल किए गए हैं। जिनको विवेचना व गिरफ्तारी का अलग-अलग टास्क सौंपा है। इस बार खास बात है कि विवेचना में पुलिस एएमयू के इन बवालों के पीछे साजिश रचने वाले मठाधीशों तक पहुंचने और उन्हें बेनकाब करने का प्रयास करेगी।
एसएसपी स्तर से गठित एसआईटी में विवेचना के लिए छह टीमें बनाई गई हैं। इस विवेचक दल का कोआर्डिनेशन एसपी क्राइम पीके तिवारी को सौंपा गया है, जबकि गिरफ्तारी के लिए 13 टीमें बनाई गई हैं, जो नामजदों के अलावा प्रकाश में आने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करेंगी। इसका कोआर्डिनेशन एसपी सिटी अंशुल गुप्ता के हाथ में रहेगा और गिरफ्तारी दल को जब भी जहां जरूरत होगी। वहां अलग से पुलिस बल मुहैया कराया जाएगा। दुपहर में एसएसपी कार्यालय पर एसएसपी, आरएएफ कमांडेंट, एसपी सिटी, एसपी क्राइम, सीओ तृतीय, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस की मौजूदगी में बैठक के दौरान इस एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी के गठन के बाद शाम को डीएम-एसएसपी ने टीम के कोआर्डिनेटरों संग बैठक की। इसके बाद देर रात एसआईटी कोआर्डिनेटरों की देर रात एएमयू कुलपति संग बैठक जारी थी। इन बैठकों में मठाधीशों को लेकर एएमयू से विवेचक दल को मदद मिलना खास मुद्दा रहा।