राजस्थानपीए सरकार द्वारा दि के राज्यपाल और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा है कि एएमयू अल्पसंख्यक विवि नहीं हो सकता है, क्योंकि इसको सभी आर्थिक सहयोग केंद्र सरकार के माध्यम से यूजीसी देती है। ये एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है। इसलिए केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर पूर्व में यूया गया हलफनामा वापस लेकर उचित कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि मथुरा के जवाहरबाग में हुआ कांड प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार के एक मंत्री की देन है ये बात सामने आ चुकी है। आरएसएस को इस मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है, ज्यूडीशियल जांच में ये बात स्पष्ट हो जाएगी।
कल्याण सिंह शनिवार की सुबह 11 बजे स्टेट प्लेन से जयपुर से अलीगढ़ आए थे। यहां पर वह अपने सहयोगी ठा. रवेंद्र पाल सिंह की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने आए हैं। धनीपुर हवाई पट्टी पर ही भाजपाइयों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे मैरिस रोड स्थित उनके आवास राज पैलेस पहुंचे।
यहां पर पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि यूपी की हर घटना की जानकारी वह रोजाना इंटरनेट के माध्यम से कर लेते हैं। यूपी में विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद को चेहरा किसे बनाया जाएगा..? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी में बहुत नेता हैं चेहरा एक ही है भाजपा।
जिसको पार्टी कहेगी उसको ही मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। इससे पहले हम सभी को मिल जुल कर पूरा समर्थन जुटाना है। केंद्र के मंत्रिमंडल विस्तार में राजवीर सिंह राजू को स्थान नहीं मिलने के सवाल पर कोई नाराजगी है..? सोशल मीडिया में ऐसी खबरें छायी हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में इस खबर के साथ उनका या राजू का कोई बयान नहीं है। ये खबरें झूठी हैं।
पार्टी के हर फैसले के साथ हैं। जो पार्टी कहेगी वही होगा। गौर हो कि राज्यपाल बनने के बाद कल्याण सिंह ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ती हुए बेबाक बात की। इससे पहले वह हर बार राजस्थान की बात करते थे और यूपी के सवाल पूछने पर संवैधानिक पद पर होने की बात कह जवाब नहीं देते थे। इस बार भी पहले उन्हाेंने सवालों को टाल दिया था। इस पर एक मीडियाकर्मी ने कहा कि यूपी के राज्यपाल राम नाइक तो सब सवालों पर बोलते हैं इस पर उन्होंने कहा कि राम नाइक और उनमें अंतर है।
18 लाख डिग्री बांटी
अलीगढ़। राज्यपाल कल्याण सिंह ने बताया कि राजस्थान का राज्यपाल बनने के बाद उन्होंने लगभग 18 लाख छात्रों को डिग्री बांटी। दीक्षांत समारोह में परंपरागत गाउन की वेशभूषा को बदला। तीन दिन का दीक्षांत समारोह कराया जिसमें एक दिन विवि के पास एक गांव में गुजारा। गवर्नर होने के बाद भी गांव में रुके। हरेक विवि से एक गांव गोद लेने को कहा। स्नातक स्तर पर हरेक महाविद्यालय और विवि में नकल रोकने के लिए सख्ती की। प्रोफेसरों की हाजिरी के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम लागू किया।
ये रहे मौजूद
राज्यपाल के स्वागत में सांसद सतीश गौतम, सांसद राजवीर सिंह राजू, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल पराशर, पूर्व ब्लाक प्रमुख शशि सिंह, सतेंद्र सिंह, चौ. देवराज सिंह, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष दीपक मित्तल, चंद्रमणि कौशिक , विशाल चंद्रा, हेमवंत सिंह चौहान, राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, भाजयुमो जिलाध्यक्ष यतिन दीक्षित सहित कई लोग मौजूद रहे।