फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एएमयू बुद्धिजीवियों ने निजामुद्दीन मामले पर चिंता जताई

Sun, 05 Apr 2020 10:48 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
विज्ञापन
एएमयू - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू)के वरिष्ठ शिक्षकों ने एक मुस्लिम संगठन के एक वर्ग द्वारा दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में धार्मिक आयोजन करने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। जेएन मेडीकल कालिज के प्रिन्सिपल एवं सीएमएस प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी, धर्मशास्त्र संकाय के पूर्व डीन और सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. अली मोहम्मद नकवी, विधि संकाय के पूर्व डीन प्रो. जहीरउद्दीन, यूजीसी एचआरडीसी के निदेशक प्रो. एआर किदवई, सर सैयद अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर डा. मोहम्मद शहिद, अंग्रेजी विभाग के प्रो. मो. आसिम सिद्दीकी, इतिहास विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद सज्जाद तथा अमुवि स्कूल एजूकेशन के निदेशक प्रो. असफर अलीखान आदि ने जारी अपील में कहा गया है कि देश में कोविड-19 के फैलते हुए खतरों के दृष्टिगत इस प्रकार का धार्मिक आयोजन घोर लापरवाही है।
विज्ञापन


अपील में कहा गया है कि एक वर्ग द्वारा इस घटना की आड़ में पूरे मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने का प्रयास निंदनीय है। निजामुद्दीन मामले को अपवाद करार देते हुए अपील में कहा गया है कि देश के सभी मुसलमान सरकार द्वारा सामाजिक दूरी बनाये रखने तथा स्वच्छता के सभी उपायों को अपनाने के भारत सरकार के दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं। अपील में केन्द्र सरकार से आग्रह किया गया है कि निजामुद्दीन मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा इसके सही जिम्मेदारों के विरूद्व कार्यवाही की
जाए। शिक्षकों ने एक वर्ग द्वारा इस मानवीय त्रासदी को धार्मिक रंग देने पर चिंता व्यक्त की है।

विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने मुसलमानों सहित समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि आज जबके संपूर्ण मानवता खतरे से दो-चार है, ऐसे में हमें मिलजुल कर तथा पूरी शक्ति के साथ कोविड-19 का मुकाबला चाहिए तथा इस जानलेवा वायरस से सुरक्षा के लिये भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों तथा डाक्टरों की सलाह का पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें