ऊष्मा रोधी, तापमान संतुलित
प्रो. अनवर का दावा है कि यह ईंट ऊष्मा रोधी (थर्मल इंसुलेटिव) है। इससे बने कमरे में तापमान संतुलित रहता है यानी सर्दियों में गर्माहट और गर्मियों में ठंडक का अनुभव होगा। प्रयोगशाला के परीक्षण में ईंट की संपीडन शक्ति (कंप्रेसिव स्ट्रेंथ) लगभग 16.5 एमपीए तक पाई गई, जो पारंपरिक ईंटों के बराबर या बेहतर मानी जाती है। जल अवशोषण दर 12.7% से 17.2% के बीच रही, जो मानकों के अनुरूप है।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ
यह तकनीक औद्योगिक कचरे (फ्लाई ऐश) और कृषि अपशिष्ट (गोबर) का उपयोग करती है। इससे प्रदूषण कम होगा। साथ ही मिट्टी की खोदाई कम होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत पर आवास निर्माण संभव होगा। प्रो. मेहमूद अनवर के अनुसार, यदि सरकार इस तकनीक को प्रोत्साहन दे तो यह सस्ते आवास निर्माण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकती है।