छात्राओं की मार्गदर्शक और विज्ञान शिक्षिका तहमीना अशरफ ने बताया कि इस डिवाइस का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, अक्सर नशे में वाहन चलाने के कारण गंभीर हादसे होते हैं। यह स्मार्ट हेलमेट ऐसे हादसों की रोकथाम में एक कारगर कदम साबित हो सकता है। स्कूल के प्रिंसिपल जावेद अख्तर ने छात्राओं को बधाई दी है।
नशे में होने वाले हादसे की खबरें करती थीं परेशान
हुमैरा, फौजिया और उमरा कहती हैं कि जब कभी भी वह नशे में हुए हादसों के बारे में खबर पढ़ती थीं तब उन्हें लगता था कि कोई ऐसा तरीका हो जिससे इनको रोका जा सके। इस विषय में अपनी विज्ञान टीचर तहमीना अशरफ को बताया और इस तरह स्मार्ट हेलमेट बनाने की शुरुआत हुई।