मानद अतिथि नई दिल्ली के सेंटर डी साइंसेस ह्यूमेन के डॉ. लारेंस गौटियर ने कहा कि भारत के सबसे महत्वपूर्ण सुधारकों में से एक के रूप में सर सैयद का प्रभाव न केवल मुसलमानों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण रहा है। एक महान सुधारक की पहचान यह है कि वह ऐसे कार्यों का समूह छोड़ता है जो समय के साथ ठहरे नहीं रहते, बल्कि संवाद को बढ़ावा देते हैं और उनके उत्तराधिकारी उस पर आगे निर्माण कर सकते हैं।
एएमयू कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज ने कहा कि अलीगढ़ का शैक्षिक उद्देश्य उस समय के अन्य कॉलेजों से भिन्न था, क्योंकि इसमें सामूहिक चेतना, लोकतांत्रिक दृष्टिकोण और एक व्यापक बौद्धिक जागृति पर जोर दिया गया था। सर सैयद चाहते थे कि उनके छात्र एक विचार प्रक्रिया का निर्माण करें, अंधी आज्ञाकारिता पर सवाल उठाएं, सही और गलत के बीच अंतर करें, निडर बनें, नैतिकता और सहिष्णुता की गहरी भावना रखें और एक ऐसा व्यक्तित्व पैदा करें जिसका प्रदर्शन ही प्रभावशाली हो। सर सैयद चाहते थे कि अलीगढ़ एक बौद्धिक और सांस्कृतिक केंद्र बने जो संपूर्ण भारतीय विरासत को संरक्षित रखे। सामाजिक सद्भाव, समग्र संस्कृति, समावेशिता और सामूहिक विकास के प्रति सर सैयद की प्रतिबद्धता एएमयू के संस्थागत आचरण का मार्गदर्शन करती रही है।
कुलपति ने यह भी घोषणा की कि बुधवार को विश्वविद्यालय सहित संबंधित स्कूलों में शिक्षण कार्य निलंबित रहेगा। इससे पूर्व, एएमयू रजिस्ट्रार, श्री मोहम्मद इमरान ने स्वागत भाषण दिया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मसूदी और कुलपति प्रोफेसर गुलरेज ने जनसंपर्क कार्यालय द्वारा अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में ‘भाषा और साहित्य पर सर सैयद का प्रभाव‘ विषय पर आयोजित अखिल भारतीय निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। तीनों भाषाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विजेताओं को नकद पुरस्कार, एक स्मृति चिन्ह और प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर इनोवेशन काउंसिल और यूनिवर्सिटी इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा आयोजित इन-हाउस स्टूडेंट्स रिसर्च कन्वेंशन के विजेताओं को भी उनकी अभिनव प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया।
प्रो आयशा मुनीरा रशीद और प्रो तौकीर आलम, छात्र सुमराना मुजफ्फर और सैयद फहीम अहमद ने सर सैयद अहमद खान की शिक्षाओं, दर्शन, कार्यों और मिशन पर अपने विचार व्यक्त किये। डीन, छात्र कल्याण, प्रोफेसर अब्दुल अलीम ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. फायजा अब्बासी एवं डॉ. शारिक अकील ने संयुक्त रूप से किया।
कुलपति ने सर सैयद हाउस में सर सैयद अहमद खान से संबंधित ‘पुस्तकों और तस्वीरों की प्रदर्शनी’ का भी उद्घाटन किया। प्रदर्शनी का आयोजन मौलाना आजाद लाइब्रेरी और सर सैयद अकादमी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।