नौशीन को जब अमर उजाला ने टॉप करने की जानकारी दी तो वह अवाक रह गईं। तुरंत बोलीं- क्या वाकई में मैंने ही टॉप किया है। जब उन्हें पूरा नाम, मोबाइल नंबर और स्कूल अंक बताए, तब जाकर यकीन हुआ। नौशीन घर पर चार घंटे पढ़ाई करती थीं। फिर कोचिंग करने जाती थीं। एएमयू के क्वार्टर में रहने वाले मोहम्मद हाशिम की बेटी नौशीन ने कहा कि वह डॉक्टर बनेंगी, क्योंकि उनकी मां रुखसाना नर्स हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर चिकित्सा के क्षेत्र में आना चाहती हैं।
आईएएस बनना चाहती हूं : अतुफा
10वीं में दूसरा स्थान लाने वालीं अतुफा जावेद आईएएस बनना चाहती हैं। फिलहाल वह नीट की तैयारी कर रही हैं। शौकत मंजिल दोदपुर में रह रहे डॉ. इम्तियाज जावेद की बेटी अतुफा ने कहा कि स्कूल के अलावा घर पर भी पढ़ती थीं। थोड़ी कमी रह गई, वर्ना टॉप कर जातीं।
डॉक्टर बनूंगी : काव्या
10वीं में तीसरा स्थान लाने वालीं काव्या शर्मा डॉक्टर बनना चाहती हैं। साईं विहार के निवासी राजीव कुमार शर्मा व कविता शर्मा की बेटी काव्या ने कहा कि पेपर अच्छा हुआ था। उन्हें विश्वास था कि अच्छे अंकों से पास होंगी।
इंजीनियर बनना चाहती हूं : शगुन
10वीं में तीसरा स्थान लाने वालीं शगुन भारद्वाज इंजीनियर बनना चाहती हैं। सराय मानसिंह के निवासी विशाल शर्मा की बेटी शगुन ने कहा कि आगे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहेंगी। कहा कि उस समय जिस ब्रांच की डिमांड होगी, उसी से इंजीनियरिंग करेंगी।
मेधावियों को टॉपर बनने की नहीं थी उम्मीद
टॉप-3 में आईं मेधावियों को टॉपर बनने की उम्मीद नहीं थी। अलबत्ता, अच्छे अंक आने का पूरा भरोसा था। मेधावियों ने बताया कि पेपर अच्छा हुआ था, इसलिए भरोसा अच्छे नंबर भी आएंगे, लेकिन टॉप-3 में आने की उम्मीद बिल्कुल नहीं थी।