जिले में एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद को लेकर भले ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू होने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन अभी तक धरातल पर तैयारियां अधूरी ही हैं। गेहूं खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए बुधवार को कलेेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित क्रय एजेंसियों को दो दिन में सारी व्यवस्थाएं चौकस रखने के लिए कहा गया था।
गेहूं क्रय केंद्रों पर दो दिन में इलेक्ट्रानिक बांट-माप यंत्र, छलना, विनोई फैन, नमी मापक यंत्र, खाली बोरे उपलब्ध कराने के साथ ही शीतल पेयजल, शौचालय, छांव आदि समेत तमाम पर्याप्त व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए निर्देशित किया था। उन्होंने किसानों की सुविधा को देखते हुए अतिरिक्त क्रय केंद्र खोले जाने, खरीद संबंधी उपकरण खराब होने की दशा में उन्हें ठीक कराने और मंडियों में नीलामी की व्यवस्था को निर्देशित किया था।
इसके बाद भी जिले भर में खुलने वाले 87 गेहूं क्रय केंद्रों में से अधिकांश केंद्रों पर व्यवस्थाएं अभी आधी- अधूरी पड़ी हुई हैं। गभाना तहसील के सोमना सहकारी समिति नंबर एक व दो पर अभी तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकी है। इलेक्ट्रानिक बांट-माप यंत्र व खाली बोरे उपलब्ध होना तो दूर अभी तक क्रय केंद्रों पर बैनर तक नहीं लग सके हैं। यही हाल करनपुर, कौरह रुस्तमपुर, चंडौस, पिसावा, बरौली के क्रय केंद्रों का भी है। धनीपुर मंडी में भी क्रय केंद्र नहीं खुल सका है।
एमएसपी पर होगी गेहूं खरीद
एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं की खरीद के लिए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2015 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। गेहूं बेचने से पहले किसानों को खाद्य विभाग की वेबसाइट 222.द्घष्ह्य.ह्वश्च.द्दश1.द्बठ्ठ पर पंजीकरण कराना होगा। तभी उनका गेहूं खरीदा जाएगा। इसमें बिचौलियों का कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकेगा। किसान जिस खाता नंबर से रजिस्ट्रेशन कराएंगे उसके साथ आधार कार्ड लिंक होगा, उसी खाते में सीधे आरटीजीएस के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान होगा। इस साल भी ई-पॉश मशीनों के माध्यम से बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई है।
वर्जन
गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। खरीद से पहले बांट माप एवं इलेक्ट्रानिक कांटो का सत्यापन कराने के साथ ही गेहूं भंडारण गोदामों और सभी क्रय केंद्रों की जियो टैगिंग की जा रही है। केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाली बोरों की व्यवस्था व समय से उठान के लिए हैंडलिंग ठेकेदार को निर्देशित किया गया है।
- विधान जायसवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व