सुरेंद्र नगर निवासी महिला मरीज को आगरा पहुंचाने के लिए शहर की एक एंबुलेंस 35 हजार रुपये में तय हुई। हाथरस के पास मरीज की मौत हो गई तो एंबुलेंस चालक ने शव व परिजनों को रास्ते में ही उतार दिया। तीमारदारों ने एंबुलेंस कर्मी से अलीगढ़ शव पहुंचाने की गुहार लगाई। लेकिन उसने एक नहीं सुनी। मजबूरन परिजन 2500 रुपये में दूसरी एंबुलेंस से अलीगढ़ वापस आए।
इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के फिरोजाबाद के सदस्य प्रवीन कुमार वर्मा की बहन सुरेंद्र नगर में रहती हैं। वह विगत दिनों से बीमार चल रही थीं। प्रवीन अलीगढ़ आए तो बहन की हालत खराब देखी। दीनदयाल अस्पताल तक पहुंचाने के लिए निजी एंबुलेंस चालक ने 15 हजार रुपये ले लिए।
यहां बेड नहीं मिला तो आगरा ले जाने को तैयार हुए। बड़ी मुश्किल से 35 हजार रुपये में एंबुलेंस चालक आगरा जाने के लिए तैयार हुआ। हाथरस के पास नगला उम्मेद पर बहन ने दम तोड़ दिया। इस पर चालक ने उन्हें रास्ते में उतार दिया।
इसके बाद मजबूरन यहां से दूसरी एंबुलेंस 2500 रुपये में तय की और घर पहुंचे। प्रवीन ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर सार्वजनिक की है। यह संदेश वायरल होता जा रहा है। कपिल ने वायरल संदेश के माध्यम से कार्रवाई की मांग की है।
एंबुलेंस चालक राजू ने बताया कि तीमारदार ने नॉन कोविड मरीज बताया था। रास्ते में मौत हो गई तो संक्रमण फैलने का खतरा था। इसीलिए छोड़ आया। एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जयसवाल ने बताया कि इस प्रकरण से संबंधित पक्ष मामले में लिखित शिकायत करता है तो एंबुलेंस संचालक के खिलाफ जांच कराई जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।