यूपी-दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में नेटवर्क फैलाकर जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य मोहम्मद अल्ताफ अहमदाबाद से गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार देर शाम अलीगढ़ लाया गया। 200 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी के मामले में आरोपी अल्ताफ को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया गया है। अब तक की पूछताछ में उसने कई अहम राज उगले हैं और कुछ अन्य महत्वपूर्ण साथियों व गिरोह सरगना आदि के नाम बताए हैं। इधर, शनिवार को अल्ताफ को स्थानीय न्यायालय में पेशी के बाद जेल दाखिल किया जाएगा।
एसटीएफ ने अलीगढ़ पुलिस के इनपुट पर गुजरात अहमदाबाद के थाना गायकवाड़ हवेली क्षेत्र के ताड़नी शेरी का मोहम्मद अल्ताफ सोजतवाला को बृहस्पतिवार की रात गायकवाड़ हवेली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उसके पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और नकदी बरामद हुई है, जिनसे बड़े नेटवर्क के संचालन के संकेत मिले हैं। एसटीएफ के अनुसार अब तक की पूछताछ व जांच में उजागर हुआ कि आरोपी अपने साथियों, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश पीयूष सोनी, परवेज समेत अन्य शामिल हैं, के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराता था। इन फर्मों के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) उपलब्ध कराया जाता था, जिससे बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जाती थी।
यह गिरोह अपने एक अन्य साथी मनोज रामावत आदि को कमीशन का लालच देकर उनके पहचान पत्र और दस्तावेज हासिल करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां खोलकर बिना माल की खरीद-फरोख्त के बिलिंग के आधार पर बैंक खातों के माध्यम से लेनदेन दिखाया जाता और बाद में रकम को नकद या अन्य माध्यमों से वापस कर दिया जाता था।
इसी मामले में गिरोह के दो सदस्यों को पिछले वर्ष दिसंबर में अहमदाबाद पुलिस ने भी जेल भेजा है। यह गिरोह गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में सक्रिय था। वर्तमान में यह गिरोह अहमदाबाद व भावनगर में एकाउंटेंसी फर्म की आड़ में यह गोरखधंधा कर रहा था। पूर्व में अल्ताफ भी आकाश पीयूष की सीए फर्म में काम करता था। अब उसने खुद अपनी फर्म खोलकर उसमें कपड़ों की प्रिंटिंग का धंधा शुरू कर दिया।
गिरोह सरगना सीए ने गुरुद्वारा रोड पर पंजीकृत कराई थी फर्म
एसटीएफ के अनुसार पूछताछ व जांच में उजागर हुआ कि गिरोह सरगना सीए आकाश पीयूष ने अपने साथी परवेज द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर अलीगढ़ के सिविल लाइंस के गुरुद्वारा रोड पर जय श्रीराम एंटरप्राइजेज के नाम से फर्म का जीएसटी पंजीकरण कराया था। जिसमें मेडिकल उपकरणों की बिक्री का धंधा दिखाया था। जिसका संचालक अहमदाबाद नेहरू नगर के बाघेला भावेश जीनाभाई को दिखाया गया।
मगर जीएसटी जांच में मौके पर इस नाम से न कोई फर्म संचालित पाई गई। न बाघेला भावेश जीनाभाई को कोई व्यक्ति जानता था। जो नंबर जीएसटी पंजीकरण में दर्ज था। वह भी बंद था। अलीगढ़ की फर्म से कई करोड़ की खरीद बिक्री दिखाकर 12.37 करोड़ की आईटीसी का दावा किया गया था। जिसकी जीएसटी जांच में फर्म बोगस पाई गई व फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। इसके आधार पर जीएसटी ने सिविल लाइंस में 14 जून 2024 को रिपोर्ट कराई थी।
इसी अपराध में जांच करते हुए सिविल लाइंस पुलिस ने अल्ताफ का नाम उजागर किया। बाद में उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की मदद ली। जिसके तहत बृहस्पतिवार को उसे अहमदाबाद से गिरफ्तार कर दो दिन के ट्रांजिट रिमांड पर टीम शुक्रवार देर शाम सिविल लाइंस ले आई। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार आरोपी अल्ताफ को अब शनिवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल दाखिल किया जाएगा। पूछताछ व जांच में जो अन्य नाम उजागर हुए हैं, उनके विषय में एसटीएफ काम कर रही है। हम विवेचना में उन्हें उजागर करेंगे।