शिकायतकर्ता ने विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर आरटीआई के तहत जानकारी मांगी। मिले जवाब में मामले को “विचाराधीन” बताया गया, जबकि बाद में रजिस्टर “ट्रेस न होने” की बात सामने आई, जिससे संदेह और गहरा गया।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) एक बार फिर फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों को लेकर विवादों में घिर गया है। यूजीसी ने अधिवक्ता सैयद कैफ हसन की शिकायत पर एएमयू प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
एएमयू के सर शाह सुलेमान हॉल में अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) साकिब हुसैन ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय के एडमिशन सेक्शन में कार्यरत लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी) शबीह अहमद ने वित्तीय दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया है। अधिवक्ता सैयद कैफ हसन के अनुसार, यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि एएमयू में व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
शिकायतकर्ता ने जुलाई 2025 में विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर आरटीआई के तहत जानकारी मांगी। 9 सितंबर 2025 को मिले जवाब में मामले को “विचाराधीन” बताया गया, जबकि बाद में रजिस्टर “ट्रेस न होने” की बात सामने आई, जिससे संदेह और गहरा गया। विदित है कि शबीह अहमद 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। शिकायतकर्ता ने मामला यूजीसी तक पहुंचाया, जहां से अब तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।