आज जुमे की नमाज पर सबकी नजर होगी। पिछले जुमे को ऊपरकोट स्थित बू अली शाह मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज पढ़े जाने को लेकर सियासत का बाजार गर्म हो गया था। शहर में टकराव के हालात न पैदा हों, ऐसे में शहर मुफ्ती को सामने आना पड़ा।
शहर में कई मस्जिदें ऐसी हैं, जहां लोगों की भीड़ ज्यादा होती है। ऐसी सूरत में लोगों को मजबूरन सड़क पर नमाज पढ़नी पड़ती है। मसलन, ऊपरकोट स्थित बू अली शाह मस्जिद, जामा मस्जिद ऊपरकोट, मोती मस्जिद ऊपरकोट, रेलवे रोड की मस्जिद, अड्डे वाली मस्जिद देहलीगेट चौराहा आदि।
हालांकि, इन मस्जिदों के बाहर सड़क पर नमाज कोई एक-दो साल से नहीं, बल्कि अरसे से पढ़ी जा रही है। पिछले जुमे को ऊपरकोट स्थित बू अली शाह मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज पढ़े जाने पर एलआईयू के लोग आ गए थे। इसके बाद मस्जिद के मुतवल्ली नदीम अहमद की एलआईयू के लोगों ने किसी अफसर से बात करायी थी।
बातचीत में सड़क पर नमाज न पढ़ाए जाने की हिदायत भी दी गई थी। नदीम अहमद ने बताया कि मस्जिद की छत की सफाई करा दी गई है। नमाज छत पर होगी। उधर, शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने अपील की है कि सड़क की बजाय मस्जिद की छतों पर नमाज पढ़ी जाए। किसी नई परंपरा की शुरुआत न होने पाए। उधर, प्रशासन भी आज जुमे की नमाज पर निगाह रखे हुए है।