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अलीगढ़ : पक्षियों का रखेंगे ख्याल, शिक्षक - अभिभावक और नौनिहाल

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अलीगढ़ : सासनी गेट विश्व भारती पब्लिक स्कूल में अमर उजाला और दायित्व संस्था द्वारा पंक्षियों के ल - फोटो : CITY OFFICE
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अमर उजाला ने दायित्व संस्था के सहयोग से सोमवार को विश्व भारती पब्लिक स्कूल में ‘संतुष्टि का सकोरा’ अभियान प्रारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में शिक्षकों और बच्चों ने पक्षियों के लिए अपने-अपने घरों में दाना-पानी रखने की शपथ ली। इसके साथ ही इस अभियान से अभिभावकों को जोड़ने के लिए स्कूल प्रबंधन ने रणनीति तैयार की। यह अभियान दो माह तक चलेगा।
विश्व भारती पब्लिक स्कूल की प्रिंसिंपल सुनीता जादौन ने कहा कि पक्षी पृथ्वी के जीवनचक्र का हिस्सा हैं। जिस प्रकार एक-दूसरे पर जीवन निर्भर है, उसी प्रकार इनके जीवन से मनुष्यों को भी काफी लाभ मिलता है। पक्षी ही हैं जो कीट नियंत्रण करते हैं। उन्होंने अमर उजाला के अभियान की सराहना करते हुए अपने विद्यालय में जगह-जगह सकोरे रखवाकर दाने पानी का इंतजाम किया।
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दायित्व संस्था की सचिव कल्पना सिंह ने अभियान का महत्व बताते हुए शिक्षक और बच्चों को दाने-पानी के इतंजाम के लिए शपथ ग्रहण कराई। इस दौरान बच्चों ने भी इस विषय पर अपने विचार रखे। कई बच्चों ने जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न संदेश, चार्ट और घोसले भी बनाए। शिक्षकों ने भी भरोसा दिलाया कि अभिभावकों के माध्यम से सभी बच्चों के घरों में उचित स्थान पर मिट्टी के सकोरे में पानी और चुगने के लिए दाने की व्यवस्था कराएंगे। इस मौके पर मोहन राणा, आयुष सिंह, साक्षी सिंह, सतेंद्र, विजय, आयुष चौहान, रोहित, विष्णु आदि मौजूद रहे।
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आर्थिक और कृषि की दृष्टि से फायदेमंद हैं पक्षी
हमारे लिए पक्षी बहुत जरूरी हैं क्योंकि इन्हीं की वजह से ईको सिस्टम बरकरार रहता है। जब यह पक्षी नर फूल पर बैठकर उससे परागकण लेकर मादा फूल पर बैठते हैं तो इससे प्रजनन प्रक्रिया होती है। इसके बाद फल निकलते हैं। इसके अलावा यह पक्षी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट-पतंगों को खाते हैं। यह आर्थिक और कृषि की दृष्टि से भी फायदेमंद हैं। फलों के बीज के फैलाव में पक्षी सहायक होते हैं। पक्षी ही एक जगह फल खाकर दूसरी जगह बीज उगलते हैं। इससे वनस्पति का फैलाव होता है। भीषण गर्मी में ताल-तलैया सूख जाते हैं। पानी का संकट पक्षियों के समक्ष पैदा हो जाता है। कमोबेश यही स्थिति पेड़ पौधों की भी होती है। वह गर्म हवाओं से झुलस जाते हैं। ऐसे में मानवीय दृष्टिकोण से हमें इन पक्षियों के लिए दाना-पानी का इंतजाम करना चाहिए।
- प्रो. अफीफुल्लाह खान, पूर्व विभागाध्यक्ष, वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय।
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