एलोपैथी के बाद होम्योपैथी में भी अलीगढ़ देश को डाक्टर मुहैया कराएगा। राजकीय होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल छेरत में बीएचएमएस में 100 सीटों पर दाखिले की अनुमति मेडिकल कॉलेज को मिल गई है। आयुष मंत्रालय भारत सरकार से सत्र 2019-2020 के लिए मिली इस अनुमति की जानकारी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर योगेंद्र सिंह माहुर ने दी है। इन सीटों पर इसी सत्र में आयुष यूजी काउंसिल की ओर से आवंटन किया जाएगा।
छेरत होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की आधारशिला 2008 में रखी गई थी और जुलाई 2011 में अस्पताल बनकर तैयार हुआ था। प्रोफेसर योगेंद्र सिंह माहुर ने मार्च 2018 में प्राचार्य के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद शिक्षक, चिकित्सक, मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति हुई। मौजूदा समय में यहां पर तीन एसोसिएट प्रोफेसर, 15 असिस्टेंट प्रोफेसर विभिन्न विभागों में कार्य कर रहे हैं। 5 जुलाई 2018 को प्राचार्य ने मेडिकल कॉलेज में ओपीडी का शुभारंभ कराया था, जिसमें 300 से 400 रोगियों को रोजाना होम्योपैथी चिकित्सा सेवा का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
प्राचार्य ने कहा कि बीएचएमएस में 100 सीटों में प्रवेश की अनुमति मिलने से सही मायनों में यह चिकित्सा महाविद्यालय एक मूर्त रूप लेने जा रहा है। किसी शैक्षणिक संस्था का सबसे महत्वपूर्ण अंग छात्र होते हैं जो कि शीघ्र ही इस परिसर में दिखाई देंगे। छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावासों की व्यवस्था है। प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों के सभी विभागों को सुसज्जित किया जा चुका है।
बीएचएमएस के पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए मेडिकल कॉलेज पूरी तरह तैयार है। इस मौके पर डॉॅ. निमेश कुमार, नीरज गुप्ता, मोना गुप्ता, पुनीत गर्ग प्रवक्ता, डॉ. नितिन सिंह प्रवक्ता, विष्णु शर्मा प्रवक्ता, हरमन चीमा प्रवक्ता, कीर्ति वाजपेयी प्रवक्ता, पुष्पराज सिंह राजपूत, जाग्रति वाजपेयी, शैलेंद्र मौर्य, शैलेंद्र प्रताप सिंह, कृष्ण बहादुर सिंह मौजूद रहे।