दीन दयाल अस्पताल में लगा पूर्व सीएम व राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह का शिलालेख।
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दीन दयाल संयुक्त अस्पताल परिसर में प्रस्तावित एक मेडिकल कालेज अब यहां पर स्थापित नहीं हो सकेगा। यह प्रोजेक्ट यहां से एटा के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक अब इस आशय का प्रस्ताव अब दोबारा से बनाकर शासन के पास भेजना होगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता और अलीगढ़ के ही रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अपने पहले मुख्यमंत्रित्व काल में इस अस्पताल की आधारशिला रखी थी।
साथ ही अस्पताल को इस तरह डिजाइन किया गया था कि भविष्य में यहां पर एक मेडिकल कालेज भी खोला जा सके। कल्याण सिंह नाम का पत्थर आज भी अस्पताल में लगा है और उस समय की यादें पुराने लोगों को दिलाता है। डीडी अस्पताल में 220 बेड की क्षमता है। यहां पर प्रतिदिन 1800 से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। यहां डायलिसिस और सीटी स्कैन की सुविधा है। एमआरआई के लिए प्रयास चल रहे हैं।
अस्पताल की सीएमएस डॉ. याचना शर्मा कहती हैं कि परिसर में मेडिकल कालेज खोलने के लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई थी। बराबर की जमीन को भी प्रशासन ने हमें दे दिया था। शासन को प्रस्ताव भेजा गया। लेकिन शासन की ओर से दलील दी गई कि एक शहर में दो मेडिकल कालेज फिलहाल नहीं खोले जा सकते हैं। इस कारण यहां का मेडिकल कालेज एटा को भेज दिया गया है। अब नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर भेजना है।
भविष्य में विस्तार को ध्यान में रखकर शुरू किया था
ढाई दशक पहले जब डीडी अस्पताल शुरू हुआ था तो तब उसके उद्घाटन समारोह में शामिल रहे स्वास्थ्य विभाग के फैज मोहम्मद कहते हैं कि उस समय यह अस्पताल सबसे आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर शुरू किया गया। इसकी इमारत भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखकर बनाई गई। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह बात कही भी थी। लेकिन उसके बाद उसकी उपेक्षा शुरू हुई। जितना विस्तार होना था वह नहीं हुआ।