शहर की पॉश कॉलोनी स्वर्ण जयंती नगर व कुलदीप विहार में करोड़ों रुपये की जमीन को निरस्त मुख्तारनामा के बाद भी फर्जी तरीके से बैनामा कर बेच डालने का मामला सामने आया है। शनिवार को कोल तहसील पहुंचे लोगों ने पैसे लेकर गलत बैनामे करने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। उन्होंने फर्जी बैनामा करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमंत किशोर सिंह के नेतृत्व में स्वर्ण जयंती नगर व कुलदीप विहार क्षेत्र के तेजवीर सिंह, रश्मि पंकज, गुड्डा यादव, हिमांशु, हरि ओम आदि लोग कोल तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे। यहां पर मौजूद छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह व एसडीएम कोल संजीव ओझा से लोगों ने मामले की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने कई साल पहले जमीनों के बैनामे कराए थे। इन जमीनों पर उनका कब्जा भी है।
आरोप है कि बीते दिनों भूमाफिया ने निरस्त मुख्तारनामे से ही उनकी 11 जमीनों के बैनामे कर दिए हैं। तहसील कोल स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में भी बिना जांच पड़ताल के यह बैनामे कर लिए गए जबकि बैनामा करने वालों का जमीन से कोई लेना देना नहीं है।
एसडीएम कोल ने इस मामले में सब रजिस्ट्रार प्रथम से फोन पर बात करते हुए लोगों को उनके कार्यालय भेज दिया। यहां पहुंचे लोगों की सब रजिस्ट्रार आजाद सिंह से तीखी नोंकझोंक हो गई। इससे यहां काफी देर तक हंगामा होता रहा। इसके बाद सभी लोग कलक्ट्रेट स्थित एआईजी स्टांप ज्ञानेंद्र सिंह के कार्यालय पर पहुंच गए।
एआईजी स्टांप ने आरोपों को लेकर अपने स्तर से बैनामों के लिए आधार बने मुख्तारनामों की जांच कराई। इसमें सामने आया कि मुख्तारनामा कुछ दिन बाद ही निरस्त कर दिया गया था। एआईजी स्टांप ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में तथ्य छिपाकर बैनामा करा लेने की बात सामने आई है।