भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य दिनेश वकील के भतीजे सचिन चौधरी हत्याकांड में पुलिस ने तीन शूटरों को और गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से दो की गिरफ्तारी शुक्रवार रात शादीपुर नहर पुलिस पर मुठभेड़ के दौरान हुई। इस दौरान दोनों बदमाश पैरों में गोली लगने से जख्मी हो गए, जबकि तीसरा मौके से भाग गया। पीछे लगी पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उसे भी खैर क्षेत्र में सोफा के पास दबोच लिया। इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कार व असलहे आदि बरामद हुए हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीसरे को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 6 जुलाई को हुई सचिन की हत्या में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। इसी कड़ी में रात एसओ पिसावा सुधीर कुमार मय पुलिस टीम के गश्त पर थे। तभी शादीपुर नहर पुल के पास सोफा मार्ग पर बालनपुर के आगे सामने से एक स्विफ्ट गाड़ी बिना नंबर के आती दिखाई दी। उसे रुकवाने का प्रयास किया तो कार चालक ने गाड़ी तेजी से वापस मोड़कर सोफा की ओर भागना शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने पीछा किया तो हड़बड़ाहट में स्विफ्ट कार सड़क किनारे मिट्टी के ढेर से टकराकर रुक गई। इस पर कार सवार बदमाश हाथों में हथियार लिए फायरिंग करते हुए भागे। जवाबी फायरिंग में दो बदमाश पैरों में गोली लगने से जख्मी हो गए, जबकि तीसरा भाग गया।
जख्मी बदमाशों ने पकड़े जाने पर अपने नाम मोनू उर्फ मंजीत पुत्र बिजेंद्र निवासी सराय दुल्ला सिकंदराबाद बुलंदशहर व सचिन गुर्जर पुत्र ब्रह्म सिंह निवासी आनंदपुर जारचा गौतमबुद्घनगर बताया, जबकि भागे साथी का नाम मुकेश दलाल पुत्र जायकिशन दलाल निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी गली नंबर 1 पलवल, हरियाणा बताया। आनन-फानन दोनों घायलों को सीएचसी खैर भेजा गया, जबकि भागे हुए साथी की तलाश शुरू करते हुए सोफा पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया। तड़के सोफा पुलिस ने मुकेश दलाल को सोफा नहर के पास से तमंचे व कारतूस सहित गिरफ्तार कर लिया। इधर, घायल हुए बदमाशों से दो तमंचे, कारतूस व कार मिली है। बता दें कि तीनों बदमाश सचिन की हत्या में शामिल रहे थे। इस बात की पुष्टि पिछले दिनों गिरफ्तार राजू ने भी की थी। घायलों का अब जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इन्हीं की थी शुक्रवार को दीवानी आने की सूचना
शुक्रवार को दीवानी में संदिग्धों के आने की सूचना पर जब पुलिस ने अचानक चेकिंग शुरू की थी, तब पुलिस को इन्हीं के आने की सूचना मिली थी। मगर पुलिस के अलर्ट होने के कारण यह लोग आए नहीं थे। हालांकि पुलिस ने घंटों तक दीवानी के चारों ओर घेराबंदी कर एक एक संदिग्ध को चेक किया था। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह लोग पुलिस को देख वापस चले गए और अब दो दिन के लॉकडाउन के कारण रात को छिपने जा रहे थे। तभी पुलिस ने दबोच लिए।
मुकेश के पिता ने की थी शिकायत
मुकेश के पिता ने राजू की गिरफ्तारी के दिन ही डीजीपी व मुख्यमंत्री आदि को शिकायत भेजकर कहा था कि राजू के साथ उसके बेटे व साथियों को भी पकड़ा गया है। उन्हें जेल नहीं भेजा जा रहा। मगर, पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।
रात पिसावा पुलिस से गश्त के दौरान बदमाशों की मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से जख्मी हुए, जबकि तीसरा बाद में खैर में गिरफ्तार हुआ। यह तीनों सचिन की हत्या में शामिल रहे हैं। आगे की कार्रवाई जारी है।
-डॉ.अरविंद एसपी क्राइम
पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार मौनू उर्फ मंजीत व सचिन गुर्जर।- फोटो : CITY OFFICE