अलीगढ़। जिस उम्र में न तो शरीर में इस तरह के हार्मोंस का विकास हो और न दुष्कर्म का सही से मतलब पता हो। उस उम्र के बच्चे पर दुष्कर्म का आरोप किसी के समझ में नहीं आ रहा। फिर भी मासूम बच्ची ने बयान दिया है और सीधे-सीधे दुष्कर्म का आरोप लगाया है तो पुलिस भी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाने को मजबूर है। हां, सबसे पहले पुलिस ने विधिक राय लेना उचित समझा और फिर मुकदमा दर्ज करने का कदम उठाया। अब सोमवार को आरोपी बच्चे की उम्र का परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही इस अपराध का भविष्य तय होगा।
शनिवार रात जब पीड़ित परिवार बच्ची को लेकर थाने पहुंचा तो शिकायत सुनकर पुलिस के एकाएक हाथ पांव फूल गए। खबर पाकर प्रभारी एसएसपी-एसपी सिटी अभिषेक भी थाने आ गए। बच्ची को उसकी मां व महिला पुलिसकर्मियों संग महिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। साथ ही पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर व आरोपी बच्चे के घर पहुंची। वहां बच्चे को देख कोई यह कहने या मानने को तैयार न था कि इसने दुष्कर्म किया होगा। कहानी में कुछ झोल नजर आने लगा। चूंकि बच्ची बयान दे रही थी और मां ने लिखित में तहरीर दी तो अधिकारियों से वार्ता कर विधिक राय लेना उचित समझा गया।
अभियोजन अधिकारियों से प्रकरण पर वार्ता हुई। इसके बाद तय हुआ कि तहरीर में बच्चे की उम्र का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए दुष्कर्म व पॉक्सो का मुकदमा तो दर्ज किया जा सकता है। मगर आरोपी को उसकी उम्र तय होने तक हिरासत में नहीं लिया जा सकता। इसके बाद आरोपी बच्चे से कुछ सवाल पूछ कर बच्चे को मां बाप के पास सौंपकर पुलिस चली आई।
किशोर न्याय बोर्ड से आज ली जाएगी अनुमति
प्रभारी एसएसपी-एसपी सिटी अभिषेक के अनुसार चूंकि आरोपी व पीड़ित दोनों ही नाबालिग हैं। बच्ची की उम्र का प्रमाणपत्र तो परिवार ने दिया है। वह पास के ही स्कूल में पढ़ती है। मगर आरोपी की उम्र का कोई प्रमाण पत्र नहीं मिला है, न ही उसके पढ़ने जाने की जानकारी मिली है। इसलिए आरोपी बच्चे को सोमवार को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा और उसकी उम्र का सत्यापन मेडिकल बोर्ड से कराने का अनुरोध करते हुए अनुमति मांगी जाएगी। मेडिकल बोर्ड द्वारा अगर बच्चे की उम्र सात साल से कम आती है तो मुकदमे को विधिक राय के आधार पर एक्सपंज करने पर विचार किया जाएगा। अगर उम्र सात साल या उससे अधिक आती है तो फिर किशोर न्याय बोर्ड के निर्णय के अनुसार आगे कार्रवाई तय की जाएगी।
सोमवार को स्पष्ट होगी मेडिकल रिपोर्ट
एसपी सिटी अभिषेक ने बताया कि बच्ची का मेडिकल परीक्षण करा दिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में काफी कुछ स्पष्ट नहीं है। इसलिए अभी उस पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। सोमवार को मेडिकल परीक्षण टीम में शामिल डॉक्टर आदि के बयान विवेचक द्वारा दर्ज कराए जाएंगे। इसके बाद ही मेडिकल रिपोर्ट में क्या पाया गया है, यह स्पष्ट हो पाएगा। इधर, इस विषय में महिला अस्पताल की सीएमएस से भी बात की गई, मगर उन्होंने भी प्रकरण में सीधे कुछ बताने से इनकार कर दिया।
ये दुष्कर्म नहीं, प्रयोगात्मक खेल हो सकता है : डॉ. पूनम बत्रा
इस घटना को लेकर जब शहर की प्रमुख मनोविज्ञानी काउंसलर डॉ.पूनम बत्रा से बात हुई तो वे पहले तो यह सुनकर ही हैरान हो गईं। उन्होंने तपाक से कहा कि इस उम्र में यह सब संभव ही नहीं है। हां, यह जरूर है कि यह एक प्रयोगात्मक खेल हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस उम्र में न तो बच्चे में ऐसे हार्मोंस विकसित होते और न सोच। इसलिए यह संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि टीवी मीडिया या यूट्यूब चैनल पर इस तरह की घटनाएं देखकर बच्चे ऐसा प्रयोग कर बैठते हैं। इसी तरह अपने अभिभावकों को देखकर या बड़े बच्चों के साथ बैठकर बातचीत सुनकर बच्चे ऐसा प्रयोग कर लेते हैं। उसे दुष्कर्म कतई नहीं कहा जाना चाहिए। उनमें इतनी समझ कहां होती है। डॉ. बत्रा का मानना है कि इस उम्र में बच्चों को टीवी, मोबाइल या अन्य कोई भी गैजेट्स सिर्फ बड़ों की निगरानी में देखना चाहिए। मां बाप को भी अपने रिश्तों के प्रति पर्दा रखना चाहिए।