प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) निरस्त होने के बाद केंद्रों पर परीक्षार्थियों में अफरा-तफरी मच गई। जबकि कई परीक्षार्थियों की आंखों से आंसू निकल आए। उनका कहना था कि परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी, उसी के अनुसार प्रश्नपत्र आया था।
उनका सपना टूट गया। इधर, परीक्षा निरस्त होने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन भी चौकन्ना हो गया। वहीं, परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों की भीड़ के कारण रामघाट रोड, जीटी रोड, दुबे का पड़ाव पर जाम लग गया। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होनी थी।
निर्धारित समय पर परीक्षार्थी अपने-अपने परीक्षा केंद्रों के कक्ष में पहुंच गए थे। उन्हें प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट भी वितरित कर दी गई थी। करीब 10:50 बजे कक्ष निरीक्षकों को जानकारी दी गई कि प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई।
जैसे ही, यह जानकारी परीक्षार्थियों को दी गई तो उनमें अफरातफरी मच गई। वहीं, कक्ष निरीक्षक उनसे ओएमआर शीट व प्रश्नपत्र लेने में जुट गए। परीक्षा निरस्त होने पर कई परीक्षार्थियों में नाराजगी भी दिखी, जबकि कुछ महिला परीक्षार्थियों की आंखों से आंसू निकल आए। इधर, एक साथ केंद्र से परीक्षार्थियों की भीड़ के निकलने से कॉलेज व पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स पहुंच गया। केंद्रों के बाहर सड़क पर जाम लग गया। दुबे का पड़ाव चौराहे स्थिति और भी खराब हो गई। यातायात सिपाहियों को भी जाम को खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से 5 बजे तक होनी थी, वह भी निरस्त कर दी गई।
पहली पाली में 38 परीक्षा केंद्रों पर 18 हजार 888 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जबकि दूसरी पाली में 26 परीक्षा केंद्रों पर 12 हजार 726 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा के नोडल अधिकारी/डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रश्न पत्र लीक होने के चलते 28 नवंबर को होने वाली परीक्षा निरस्त कर दी गई है। जल्द ही परीक्षा की अगली तिथि घोषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना शुल्क लिए इन अभ्यर्थियों की पुन: परीक्षा होगी।
अफरा-तफरी को रोकने में नाकाम रहा शिक्षा विभाग
परीक्षा में ड्यूटी दे रहे शिक्षकों का कहना था कि परीक्षार्थियों में मची अफरा-तफरी को रोका जा सकता था। उनके अनुसार, परीक्षा के बीच में प्रश्न लीक होने की जानकारी कक्ष निरीक्षकों को नहीं देनी चाहिए, बल्कि होना यह था कि परीक्षा करा दी जाती। बाद में जब परीक्षार्थी आराम से अपने-अपने गंतव्य के लिए निकल जाते, तब उन्हें प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिये प्रश्न पत्र लीक होने के चलते परीक्षा निरस्त होने की सूचना दे दी जाती। मगर, शिक्षा विभाग यह करने से चूक गया।
बार-बार बदलता रहा पैगाम
परीक्षा निरस्त होने के बाद भी परीक्षा कराने वाली समिति का पैगाम बार-बार बदलता रहा। पहले परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापकों को आदेश दिया गया कि प्रश्न पत्र व ओएमआर शीट कोषागार में भिजवाया जाए। फिर थोड़ी देर में आदेश आया कि दोनों को परीक्षा केंद्रों पर ही रखा जाए। इसको लेकर केंद्र व्यवस्थापक भी परेशान दिखे।
परीक्षार्थियों के बोल
प्रश्न पत्र अच्छा आया था, लेकिन पेपर निरस्त होने से उनके सपनों पर पानी फिर गया। - कविता, मेलरोज इन बाईपास
परीक्षा के लिए जैसी तैयारी थी, उसी हिसाब से प्रश्न भी आए थे। लेकिन परीक्षा निरस्त होने से सब बेकार हो गया। - दीक्षा, पंजाब
टीईटी के लिए दिन-रात पढ़ाई की थी। परीक्षा चल रही थी, लेकिन बीच में निरस्त होने की सूचना मिली। यह दुखद है। - राहुल, आगरा
लगा था कि इस बार टीईटी में सफलता मिल जाएगी। लेकिन परीक्षा निरस्त होने से उम्मीदों को झटका लगा है। - सुनील, अतरौली
- रविवार को टीईटी निरस्त होना प्रदेश के युवा बेरोजगारों के लिए काला दिन था। योगी सरकार कानून व्यवस्था में पहले से फेल थी। अब परीक्षा करवाने में भी योगी सरकार असफल हो गई।
- डीआर यादव, निदेशक, प्रतिष्ठा आईएएस एकेडमी