जेएन मेडिकल में रीजनल डॉक्टरो की हड़ताल के दौरान स्टेचर पर पड़ी महिला। संवाद
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नीट-2021 पीजी काउंसिलिंग में देरी होने पर नाराज जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर्स (जूनियर) हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे ओपीडी सेवा प्रभावित हुई है। हड़ताल से मरीजों को परेशानी हो रही है। सामान्य रोग वाले मरीज लौटाए जा रहे हैं। हालांकि, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) इंतजामिया का कहना है कि ओपीडी में परामर्शदाताओं की तादाद बढ़ा दी गई है, जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की अपील पर जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया है। हालांकि, वह ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी, वार्ड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद खलफ सबा ने बताया कि नीट पीजी की काउंसिलिंग नहीं हो रही है, इसलिए ओपीडी सेवा से हटने का एलान 27 नवंबर को लिया गया।
काउंसिलिंग न होने से तीन बैच का काम दो बैच के जूनियर डॉक्टर्स को करना पड़ रहा है। मरीजों का इलाज करते-करते जूनियर डॉक्टर्स थक गए हैं। उन्होेंने कहा कि केंद्र सरकार को जल्द इस दिशा में सोचना चाहिए। उसे गंभीर होना होगा।
डॉ. खलफ ने कहा कि ओपीडी छोड़कर बाकी सेवाएं जारी हैं। उन्हें मरीजों की तकलीफ का अंदाजा है। एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि नीट पीजी काउंसिलिंग में देरी होने के चलते केंद्रीय एसोसिएशन की अपील पर जूनियर डॉक्टर्स ने ओपीडी सेवाएं बंद कर दी हैं, लेकिन वह इमरजेंसी, ट्रॉमा, वार्ड में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओपीडी में जूनियर डॉक्टर्स के काम न करने पर परामर्शदाताओं की तादाद बढ़ा दी गई है। गंभीर मरीजों का इलाज इमरजेंसी में चल रहा है। उन्हीं मरीजों को लौटाया जा रहा है, जिन्हें इमरजेंसी की जरूरत नहीं है।