सरकारी सिस्टम में भारतीय बधिर क्रिकेटर शिव नारायण शर्मा के अरमान आंसुओं में बह गए। भावनाएं व्यक्त करने के लिए आवाज चाहिए, जो उनके पास नहीं है। शायद यही वजह थी जब उन्हें सरकारी मदद न मिली तो उनके आंखों से आंसू आ गए। शिव नारायण को सितंबर में कतर में आयोजित होने वाले बधिर आईसीसी टी-20 चैंपियनशिप खेलने जाना है।
महानगर के गणेश कूंचा निवासी शिवनारायण शर्मा का चयन भारत की बधिर टीम में हुआ है। उन्हें टी-20 चैंपियनशिप खेलने कतर के दोहा शहर में जाना है। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उनके पास खेलने का अच्छा खेल सामान नहीं है। इसलिए उन्होंने 27 जून को जिलाधिकारी के नाम एक पत्र लिखकर खेल सामान और कुछ आर्थिक मदद की गुहार लगाई।
उम्मीद थी कि भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने की जानकारी पर उन्हें मदद मिलेगी, लेकिन उनका यह भ्रम टूट गया। जिलाधिकारी कार्यालय से इस संबंध में क्षेत्रीय क्रीड़ा कार्यालय महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम को पत्र भेज दिया गया।
जवाब में बताया कि कई वर्षों से स्टेडियम में क्रिकेट कोच न होने से क्रिकेट सामग्री नहीं है और न ही आर्थिक मदद के लिए कोई बजट मिलता है। यह जानकार शिवनारायण की आंखों में आंसू आ गए। शिव नारायण की बहन छाया शर्मा ने बताया कि भाई ठीक से न बोल पाता है न सुन पाता है।
उसे क्रिकेट खेलने का जुनून है, वह भारत के लिए बधिर क्रिकेट विश्वकप भी खेल चुका है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। बधिर खिलाड़ियों को कोई सरकारी मदद नहीं मिलती है। अगर, सरकारी मदद मिले तो इससे बधिर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ेगा।