मोहम्मद तारिक के पिता मुनव्वर खान ने उन्हें व उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। वह सोमवार को खुद व बेटे के बेकसूर होने की दलील देने एसपी क्राइम के पास पहुंचे थे। दरअसल, सीएए, एनसीआर व एनपीआर के विरोध में 23 फरवरी 2019 को ऊपरकोट इलाके में उपद्रव हुआ था, जिसमें तारिक की गोली लगने से इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना में दोनों तरफ से मुकदमे दर्ज कराए गए थे।
सीएए, एनसीआर व एनपीआर के विरोध में ऊपरकोट कोतवाली के पास महिलाएं धरना दे रही थीं। जहां उपद्रव हो गया था। इसी बीच बाबरी मंडी इलाके में तारिक को गोली लग गई, जिसमें उसकी 20 दिन बाद मौत हो गई। घटना में दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था। सोमवार को फिर मुनव्वर पुलिस कप्तान से मिलने उनके दफ्तर गए, मगर वह नहीं थे। इसके बाद मुनव्वर ने एसपी क्राइम डॉ. अरविंद से मुलाकात की, उन्होंने बताया कि घटना के वक्त वह कारोबार के सिलसिले में घटनास्थल से काफी दूर थे। उनका घटना से कोई सरोकार नहीं है। फिर भी उन पर मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि बेटे पर दबाव बनाने की खातिर मुकदमा कराया गया। इस पर एसपी क्राइम ने जवाब दिया कि मामले की विवेचना चल रही है, जैसा पहले भी आश्वासन दिया जा चुका है कि आपके साथ अन्याय नहीं होगा। वही आश्वासन आज भी दे रहा हूं। अलबत्ता, अगर इसमें कोई भी दोषी पाया गय तो कार्रवाई निश्चित है।
भाजपा नेता विनय की जमानत अर्जी पर सुनवाई 3 जुलाई को
मो.तारिक की हत्या में एटा जेल में निरुद्ध भाजपा नेता व बूथ अध्यक्ष विनय वार्ष्णेय की जमानत याचिका सत्र न्यायालय में दायर कर दी गई है, जिस पर सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख नियत थी। मगर वादी पक्ष के अधिवक्ता की ओर से यह प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया कि उन्होंने यह मुकदमा अभी ग्रहण किया है, इसलिए उन्हें समय दिया जाए। इसके चलते अदालत ने इस मामले में अब जमानत पर सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख नियत कर दी है।