मंगलवार से कक्षा छह से आठ तक के कई स्कूलों में पढ़ाई शुरू हुई। निजी कान्वेंट स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत पहुंचे बच्चे बेहद खुश नजर आए। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे। लोधा ब्लॉक में तो सुबह 11 बजे तक बच्चे नहीं थे। शिक्षक विभागीय काम निपटाने में जुटे रहे।
बता दें कि मंगलवार को शहर के 33 परीक्षा केंद्रों पर यूपीएसएससी की परीक्षा संपादित हुई। इस वजह से इन स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं नहीं चलीं। इनके अलावा शहर के जो स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं बने थे, उनमें बच्चे स्कूल पहुंचे और पढ़ाई हुई।
कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ही प्रवेश दिया गया और पढ़ाई खत्म होने के बाद बाहर आए । बच्चों की स्कूलों में खेलने कूदने अथवा अन्य गतिविधियां नहीं कराई गईं। जबकि कई बेसिक स्कूलों में तो बच्चे शक्ल दिखाने भी नहीं गए।
खाली बैठे शिक्षकों ने विभागीय काम निपटाया और क्षेत्र में संपर्क कर बुधवार से बच्चों को स्कूल बुलाकर पढ़ाने की योजना बनाई। कुछ एक स्कूलों में बच्चे पढ़ते हुए भी नजर आए। वहीं कई स्कूलों में बच्चे तो दिखे, लेकिन उनके चेहरे पर मास्क नहीं।
सहमति पत्र भी रही एक समस्या
- स्कूल आ रहे छात्र-छात्राओं से सहमति पत्र मांगे गए, लेकिन बच्चे बिना सहमति पत्र ही पहुंचे। जिन स्कूलों ने बच्चों को पहले से सूचना दे दी थी, वह विद्यार्थी सहमति पत्र लेकर पहुंचे थे। जो सहमति पत्र लेकर नहीं पहुंचे, उन्हें वापस घर भेजा गया। ऐसे में कई बच्चे दोबारा स्कूल नहीं पहुंचे।
तापमान चेक कराकर स्कूल में घुसे विद्यार्थी
- कोरोना प्रोटोकॉल के तहत जूनियर हाईस्कूलों में पढ़ाई करने पहुंचे विद्यार्थियों ने पहले अपना तापमान चेक कराया। इसके बाद हाथ सैनिटाइज किए। तभी उन्हें विद्यालय में प्रवेश दिया गया। मास्क और सामाजिक दूरी के पालन के लिए शिक्षकों की भूमिका भी सराहनीय रही।