कानपुर के दुर्दांत अपराधी विकास दुबे ने आठ पुलिस कर्मियों की नृशंस हत्या कर पूरे महकमे को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने प्रदेश भर में अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अलीगढ़ जिले में चलाए जा रहे अभियान में अब तक 32 गैंग पंजीकृत किए गए हैं। जिनमें कुल सदस्यों की संख्या 212 तक है। इन सभी की पड़ताल में पता चला है कि 13 की मौत हो चुकी है। वर्तमान में 108 जेल से बाहर हैं, जो एकाएक पुलिस की निगरानी में आ गए हैं, जबकि 36 जेल में हैं। इनमें से 55 ऐसे भी हैं, जिनका पुलिस के पास कोई सुराग नहीं है। चूंकि यह गैंग डी कंपनी की तर्ज पर काम करते हैं, इसलिए इन्हें डी लिस्ट में सूचीबद्ध किया गया है।
जिला पुलिस द्वारा अभी गैंगों को सूचीबद्ध करने का काम तेजी से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत यह देखा जा रहा है कि कौन गैंग का सरगना है। कितने सदस्य हैं, किसका क्या काम है। किस पर कितने अपराध हैं। अपराध से कितनी कमाई की गई है। कितनी संपत्ति अर्जित की गई है। अभी तक जो 32 के करीब गैंग सूचीबद्ध हो चुके हैं, वे ज्यादातर आपराधिक गतिविधियों से से जुड़े हैं। वहीं कुल करीब 50 गैंग तैयार होने हैं, जिन पर काम चल रहा है। इनमें संपत्ति, खनन, वन, माफिया अपराध सहित अन्य तरह के अपराध करते हैं, उन्हें भी सूचीबद्ध किया जा रहा है। जो गैंग तैयार हुए हैं, उनकी 15 जुलाई तक की स्थिति स्पष्ट कराई गई है। इन गैंगों से जुड़े 55 बदमाशों का सुराग नहीं है उनकी तलाश की जा रही है। इसके लिए विधिक कार्रवाई हो रही है। इसी तरह से जेल से बाहर आए लोगों की भी एलआईयू से जानकारी जुटाई जा रही है कि वह वर्तमान में कहां हैं क्या कर रहे हैं..? इन सभी पर बहुत जल्द सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
जिले में थाना वार क्रिमिनलों, उनके सरगनाओं का रिकार्ड एकत्रित कर गैंग पंजीकृत किए जा रहे हैं। अब तक 32 गैंग पंजीकृत हो गए हैं। बाकी अभी पंजीकृत होना बाकी है। कुल 50 गैंग पंजीकृत करने का प्लान है। जल्द ही इन सभी का पंजीकरण आदि की औपचारिकताएं पूरी कर इन पर एक साथ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-मुनिराज जी एसएसपी
-- ये गैंग किए गए पंजीकृत--
डकैती/लूट
-बन्नादेवी थाना क्षेत्र में सात सदस्यीय गैंग डी-01/01
-सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 15 सदस्यीय गैंग डी-06/02
-अतरौली थाना क्षेत्र से 14 सदस्यीय गैंग डी-04/01
-छर्रा थाना क्षेत्र से 6 सदस्यीय गैंग डी-16/09
-क्वार्सी थाना क्षेत्र से सात सदस्यीय गैंग डी-21/20
-अतरौली थाना क्षेत्र से पांच सदस्यीय गैंग डी-33/20
लूट/हत्या
-सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से चार सदस्य गैंग डी-02/01
-देहलीगेट थाना क्षेत्र से चार सदस्य गैंग डी-03/01
-सासनीगेट थाना क्षेत्र से सात सदस्य गैंग डी-27/14
वाहन लूट के गैंग
-हरदुआगंज थाना क्षेत्र का दस सदस्यीय गैंग डी-05/02
-गभाना थाना क्षेत्र का पांच सदस्यीय गैंग डी-21/11
-गभाना थाना क्षेत्र का तीन सदस्यीय गैंग डी-25/12
जाली नोट गिरोह
-गोंडा थाना क्षेत्र का दो सदस्यीय गैंग डी10/07
-छर्रा थाना क्षेत्र का आठ सदस्यीय गैंग डी-13/08
भाड़े पर हत्या करना
बन्ना देवी थाना क्षेत्र का 15 सदस्यीय गैंग डी-29/15
गोंडा थाना क्षेत्र का 17 सदस्यीय गैंग डी-30/15
अन्य तरह के अपराध में ये गैंग
-गोली मार गैंग:देहलीगेट थाना क्षेत्र का तीन सदस्यीय गैंग डी-07/07
-लैपटॉप चोरी गैंग:बन्नादेवी थाना क्षेत्र का छह सदस्यीय गैंग डी05/07
-बम बनाने वाला गैंग:दादों थाना क्षेत्र का चार सदस्यीय गैंग डी09/07
-बैंक चोर : गभाना थाना क्षेत्र का चार सदस्यीय गैंग डी 12/08
-बैंक डकैती : पिसावा थाना क्षेत्र का आठ सदस्यीय गैंग डी-20/10
-बैंक लूट : जवां थाना क्षेत्र का चार सदस्य गैंग डी24/12
-कैश लूट : क्वार्सी थाना क्षेत्र का आठ सदस्यीय गैंग डी-20/14
-चोर ऱ् सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का दो सदस्य गैंग डी-14/09
-फिरौती अपहरण : बन्ना देवी थाना क्षेत्र का चार सदस्यीय गैंग डी-16/09
-चौथ वसूली: बन्ना देवी का चार सदस्यीय गैंग डी-19/10
-ट्रक लूट: इगलास थाना क्षेत्र का दो सस्यीय गैंग डी-22/11
-वाहन चोरी कर बेचने वाला: देहली गेट का छह सयस्यीय गैंग डी-26/12
-तार कटर: छर्रा थाना क्षेत्र का आठ सदस्यीय गैंग डी-11/07
-चेन स्नैचर: सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का तीन सदस्यीय गिरोह डी-15/09
-शस्त्र निर्माण: गोंडा थाना क्षेत्र में 4 सदस्यीय गैंग डी-23/11
-गोवध गैंग:अतरौली थाना क्षेत्र में 5 सदस्यीय डी-33/20