वापस आने के बाद इस मामले में पति ने महिला के खिलाफ जेवरात व नकदी ले जाने संबंधी तहरीर दी थी, जबकि महिला ने पति के खिलाफ खुद के उत्पीडऩ को लेकर तहरीर दी थी। दोनों के आरोपों को पारिवारिक विवाद माना गया। इसी आधार पर दोनों को काउंसीलिंग के लिए परिवार परामर्श केंद्र भी लाया गया। शुक्रवार को दिन भर दोनों की काउंसीलिंग हुई। मगर महिला एक ही जिद पर रही। वह पति संग जाने को राजी नहीं थी। इसी आधार पर उसे राहुल व उसके परिजनों के संग सुपुर्द कर दिया गया।
बच्चों की ओर भी नहीं रहा महिला का झुकाव
काउंसीलिंग से पहले महिला को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। यहां भी महिला से स्टाफ ने बातचीत की। महिला को बच्चों के विषय में बात करते हुए कहा कि कम से कम उनका तो कुछ सोचो। मगर महिला ने साफ कह दिया कि उसने जो झेला है। उसके आगे अब उसे कुछ समझ नहीं आ रहा। चूंकि राहुल ने उसे सहारा दिया है। इसलिए वह अब उसी के साथ जाएगी।
बेटी पर लगाया दामाद को पागल करार देने का आरोप
इस बातचीत में महिला ने यहां तक कहा उसकी व दामाद की बातचीत यूं ही शुरू नहीं हुई। उसकी बेटी से दामाद ने बात करना शुरू किया। मगर बेटी ने दामाद को पागल करार दे दिया। बात नहीं करती थी। वह दामाद से रिश्ता संभालने के लिए बात करने लगी। फिर दोनों में कब नजदीकियां हो गईं। मगर राहुल ने उसे सहारा दिया। रहा सवाल चोरी का तो आरोप निराधार हैं। वह कोई रुपया या जेवरात लेकर नहीं गई।
इस विषय में महिला के पति ने कहा कि वह कहीं जाए। उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। बस महिला व राहुल उसे उनके घर से ले जाए गए जेवरात व नकदी वापस कर दे। पुलिस से भी हमारी यही गुहार है। इसे लेकर वह शनिवार को फिर पुलिस अधिकारियों से भी मिलेगा।
महिला ने अपनी मर्जी से दामाद संग जाने की बात कही। चूंकि दोनों बालिग हैं। इसलिए महिला को राहुल संग भेजा गया। इससे पहले दंपती के आरोपों पर परिवार परामर्श केंद्र में काउंसीलिंग भी कराई गई। साथ में महिला का नशा आदि के संबंध में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे उसकी मर्जी से भेजा गया है।- अमृत जैन, एसपी देहात