अनलाक जोन में एक जून से भले ही रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो गया हो, लेकिन कोरोना का खौफ यात्रियों पर हावी है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में मात्र 30 फीसदी लोड फैक्टर से बसें चल रही हैं। कमाई भी मात्र 2.50 लाख रुपये प्रति दिन रह गई है। इससे रोडवेज प्रशासन के सामने अपने खर्चे भी पूरा करना चुनौती बन गया है।
कोरोना से पहले के आंकड़े
-मुख्य रूट-अलीगढ़-देहरादून, अलीगढ़-बरेली, अलीगढ़-कानपुर, अलीगढ़-दिल्ली, अलीगढ़-नोएडा
-कुल बसें संचालित-675 प्रतिदिन
-दो डिपो-बुद्ध विहार व अलीगढ़ डिपो
-कमाई-प्रति डिपो करीब 14 लाख
कोरोना लॉकडाउन के बाद
-कुल बसें संचालित-90
-बुद्ध विहार डिपो-45
-अलीगढ़ डिपो-45
-कमाई-प्रति डिपो 2.50 लाख
क्या बोले यात्री
-गाजियाबाद से कानपुर जा रहा हूं। एक घंटे से बस अड्डे पर बस यात्रियों के इंतजार में खड़ी है। कंडक्टर बोल रहे हैं कि जब तक पांच सवारी नहीं मिलेंगी, तब तक बस नहीं चलेगी।
सुरेंद्र, यात्री निवासी गाजियाबाद
-काम से गाजियाबाद आया था। अब कानपुर वापस लौट रहा हूं। गाजियाबाद से दो घंटे के इंतजार के बाद बस चली थी। अब अलीगढ़ में भी इसे एक घंटा हो गया है। पता नहीं कब चलेगी।
कमल, यात्री निवासी कानपुर
लॉक डाउन में लोड फैक्टर मात्र 30 फीसदी रह गया है। इससे रोडवेज की कमाई तो दूर खर्चा भी नहीं निकल पा रहा है।
परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक अलीगढ़ रोडवेज परिक्षेत्र