अलीगढ़ शहर के अचल ताल स्थित रामलीला मैदान पर श्री रामलीला गोशाला कमेटी के तत्वावधान में 16 सितंबर से रामलीला भवन में गणेश पूजन के साथ रामलीला महोत्सव का आयोजन होगा। रामलीला का मंचन 16 सितंबर से 4 अक्तूबर तक रोजाना शाम साढ़े सात बजे से होगा।
इस दौरान मथुरा की रामलीला मंडली के कलाकार पुरानी सभ्यता, संस्कारों की जानकारी देने के साथ ही अपने अभिनय से रामलीला का मंचन करेंगे। इस बार भी महिला कलाकार सीता, कैकेयी, काैशल्या, मंदोदरी का किरदार निभाएंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध सरयू पार की लीला आकर्षण का प्रमुख केंद्र बिंदू रहेगी। रामलीला को भव्य व ऐतिहासिक बनाने के लिए रामलीला कमेटी तैयारियों में जुटी हुई है। पूर्व संध्या पर सोमवार को ही रामलीला मैदान नयनाभिराम रोशनी से जगमग हो उठेगा।
रामलीला समिति के अध्यक्ष विमल अग्रवाल ने बताया कि रामलीला का शुभारंभ श्री गणेश पूजन के साथ उद्योगपति धनजीत वाड्रा करेंगे। रामलीला में 19 सितंबर को पारंपरिक तरीके से राम बरात का आयोजन होगा। टीकाराम मंदिर से कई नयनाभिराम झांकियां व कई नामी- गिरामी बैंड शामिल होंगे। 21 सितंबर को ऐतिहासिक सरयू पार की लीला अचल ताल पर होगी। दशहरा के दिन राम -रावण के युद्ध के बाद रावण के पुतले का दहन होगा। शोभायात्रा में 100 से अधिक झांकियां व 10 बैंड दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि से बुलाए गए हैं।
अलीगढ़ जिले में यहां भी होगी रामलीला
शहर की टीकाराम कॉलोनी, भमोला, नगला तिकोना, बराैला आदि स्थानों पर भी रामलीला होती है। इन स्थानों पर रामलीला कमेटी और क्षेत्रीय लोगों की मदद से रामलीला का मंचन होता है। भमौला में रामलीला में स्थानीय कलाकार ही रामलीला का मंचन करते हैं। देहात क्षेत्र में कस्बा टप्पल, जट्टारी, खैर, पिसावा, चंडाैस, इगलास, बेसवां, गोरई, नगला जुझार, गोंडा, हस्तपुर, लोधा, मडराक, विजयगढ़, अकराबाद, जलाली, हरदुआगंज, अतराैली, पालीमुकीमपुर, गंगीरी, छर्रा, बराैली, जवां आदि स्थानों पर रामलीला का मंचन होगा।