आपसी भाईचारे का संदेश देने वाले शांति के राजकुमार प्रभु यीशु का जन्म शुक्रवार आधी रात को हुआ तो बधाइयों के गिरिजाघर गूंज उठे। आधी रात में घंटे बज उठे और मसीह समाज ने केक काटकर जश्न मनाया। इससे पहले गिरिजाघरों में कोरोना से लड़ रहे डॉक्टर व नर्सों के साथ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, पुलिसकर्मी और प्रबुद्धजनों के लिए विशेष प्रार्थना की गई। युवाओं ने कैरल्स सिंगिंग की। जबकि पास्टरों ने प्रवचन देते हुए समाज को दिशा दिखाई।
संत फिदेलिस चर्च में कोरोना के चलते दस बजे कार्यक्रम खत्म हो गया। जबकि अन्य गिरिजाघरों में मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी के साथ रात 11 बजे से कार्यक्रम शुरू हुआ। घंटा बजाकर विशेष प्रार्थना हुई। पास्टरों ने प्रवचन देते हुए कहा कि यीशु मसीह हमारे उद्धारकर्ता है। उनका जन्म लोगों को पाप से बचाने के लिए आज से दो हजार साल पहले हुआ था।
मानव रूप धारण कर प्रभु ने इसलिए जन्म लिया। ताकि मनुष्य उन पर विश्वास करें। उनके आने का सबसे बड़ा उद्देश्य प्रेम, शांति, आनंद और आशा हैं। उन्होंने सदैव मानवजाति से प्रेम करते हुए समस्याओं से छुटकारा दिलाया। इसके साथ ही विशेष प्रार्थना की गई कि जो वैज्ञानिक और डॉक्टर कोरोना से लड़ रहे हैं, उन्हें प्रभु यीशु अपनी शक्ति दे ताकि कोरोना का उपचार निकल सके। दवाएं तैयार हो सकें।
इनके अलावा नर्स, अधिकारी, पुलिसकर्मी, लोक सेवक और देश के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री के लिए विशेष प्रार्थना की गई। घंटाघर स्थित चर्च ऑफ असेंशन और शिशियापाड़ा स्थित सिटी क्राइस्ट मैथोडिस्ट चर्च में फादर जोनाथन लाल ने समाज को बताया कि प्रभु यीशु मसीह के जन्म पर सरदूत आए और सबसे पहले गडरियों को संदेश दिया।
सरदूतों को देखकर गडरिए डर गए। इस दौरान सरदूतों ने कहा कि डरो मत, हम बड़े आनंद का शुभ समाचार सुना रहे हैं। आपके उद्धारकर्ता ने जन्म लिया है। आज तरह तरह की लड़ाइयां चल रही हैं। बीमारियां चल रही हैं। इस क्रिसमस का मतलब है कि प्रभु हमें शांति देने आए हैं। हम अच्छे कार्य करें, जिससे हमें शांति मिल सके। इसके बाद रात 12 बजते ही घंटे बज उठे। प्रभु यीशु के जन्म पर केक काटकर जश्न मनाया गया और एक दूसरे को बधाइयां देने का दौर चला। लोगों ने अपने घर से लाए हुए केक का वितरण किया।
सेंट मैथोडिस्ट चर्च बन्नादेवी में फादर यूसुफ दास, इंग्राहम मैथोडिस्ट चर्च में फादर अमित ऑस्मंड, नकवी पार्क चर्च में फादर मिसेज रंजीता दास, संत फिदेलिस चर्च में फादर जॉन फरेरा, टीडीएमसी चर्च बन्नादेवी में फादर हाबिल ग्यान, एजी चर्च बेगपुर में फादर रजी जॉर्ज ने विशेष आराधना की और प्रवचन दिए।
बाजार में सेंटा की ड्रेस की रही डिमांड
क्रिसमस के जश्न को लेकर मसीह समाज ने शुक्रवार दिन में जमकर खरीदारी की। इस खरीदारी में क्रिसमस, जश्न और बच्चों के उपहारों की खरीदारी शामिल थी। स्टार, ट्री, ट्री डेकोरेशन, हैंगिंग बेल, बैनर, पोस्टर, सेंटा ड्रेस, सेंटा कैप, मास्क, टॉयज, फैंसी सेंटा पेन, स्नोमैन, पैरा सूट वाला सेंटा, सीढ़ी पर चढ़ने वाला सेंटा और डांस करने वाला सेंटा खरीदा गया। आलम यह रहा कि शहर की गिफ्ट गैलरियों में दिनभर भीड़ रही। इसके अलावा सेंटा का बैंड, सेंटा का हेयर बैंड, सेंटा का चश्मा, लाइटिंग बैनर, क्रिसमस गिफ्ट, चॉकलेट, क्रिसमस का रैंडियर बैंड आदि भी पसंद किए गए।
आज होगी क्रिसमस की चर्च सर्विस
बड़े दिन के अवसर पर आज क्रिसमस की चर्च सर्विस सभी गिरिजाघरों में आयोजित होगा। यहां सर्विस के दौरान विशेष प्रार्थना आयोजित होंगी। पास्टर मानव जाति के लिए प्रभु यीशु द्वारा दिए गए संदेश को बताएंगे। जिनका समाज अनुश्रवण करेगा।
उपहारों का हुआ वितरण
गिरिजाघरों में बच्चों को उपहार देने की व्यवस्था भी की गई थी। बच्चों को सरप्राइज उपहार मिले तो वह भी खुशी से झूम उठे। इस दौरान अभिभावक भी अपने बच्चों को परियों की ड्रेस और सेंटा क्लॉज की ड्रेस पहनाकर पहुंचे थे।
सेल्फी की रही होड़
गिरिजाघरों में युवाओं और बच्चों में सेल्फी का क्रेज रहा। क्रिसमस ट्री, पार्क, लाइटिंग में लोग सेल्फी लेते रहे। साथ में परिवार के लोग भी थे। फोटो खींचने के साथ समाज के लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरों को साझा किया और क्रिसमस की बधाइयां दीं।
आतिशबाजी से आसमान हुआ रोशन
- प्रभु यीशु के जन्म पर मसीह समाज ने आतिशबाजी भी की। लोगों ने अपने घरों और चर्च के आसपास आतिशबाजी कर जश्न मनाया। इस दौरान आतिशबाजी से आसमान रोशन हो उठा।
सतरंगी लाइटों से रोशन हुए गिरिजाघर
क्रिसमस पर सभी गिरिजाघरों में विशेष सजावट की गई थी। बैैलून, डेकोरेशन, स्टार के साथ-साथ गिरिजाघरों को सतंरगी लाइटों से सजाया गया था। शुक्रवार शाम को जैसे ही अंधेरा हुआ। वैसे ही गिरिजाघर सतरंगी लाइटों से रोशन हो उठे। जिसकी छवि देखने से ज्यादा लोग तस्वीर खींचने की ओर आकर्षित रहे।
क्रिसमस डे पर लाइटों से जगमगाता घंटाघर स्थित चर्च ऑफ असेंसन। संवाद- फोटो : CITY OFFICE