क्वार्सी क्षेत्र के बरहेती गांव से 29 मार्च को सरकारी चारागाह की जमीन से एडीएम सिटी कोर्ट से स्थगन आदेश के बाद भी कब्जा हटवाया गया था। एक दिन पहले ही कोर्ट से स्थगन आदेश जारी किया गया था। इस मामले में शिकायत के बाद तहसीलदार कोल का जवाब-तलब किया गया है।
बता दें कि तहसील कोल क्षेत्र के गांव बरहेती में चारागाह की गाटा संख्या 102 में भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। आरोप था कि इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके प्लॉट बेचे जा रहे हैं। एसडीएम कोल संजीव ओझा ने प्रकरण में तहसीलदार कोल डॉ. गजेंद्र पाल सिंह से जांच कराई।
जांच में साफ हुआ कि इस गाटा संख्या की नौ बीघा जमीन सरकारी है और गलत तरीके से इस पर प्लॉटिंग की जा रही है। तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम कोल ने इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी। 29 मार्च को तहसीलदार कोल डॉ. गजेंद्र पाल सिंह ने राजस्व टीम के साथ जेसीबी की मदद से अवैध कब्जों को ध्वस्त कराकर जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया।
लेकिन जिस जमीन को तहसील की राजस्व टीम ने कब्जा मुक्त कराया, उस जमीन पर एडीएम सिटी कोर्ट से 28 मार्च स्थगन आदेश जारी करते हुए संबंधित जमीन पर किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। यथास्थिति के आदेश के बाद भी तहसीलदार ने जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया।
एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि इस प्रकरण में तहसीलदार कोल का जवाब-तलब किया गया है। उधर, कोल तहसीलदार डॉ. गजेंद्र सिंह ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्हें कोर्ट से स्थगन आदेश की जानकारी नहीं थी।