अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
एटा जिले के अलीगंज कस्बे से करीब दो दशक पहले ट्रांसपोर्ट कारोबार शुरू करने वाले संदीप गुप्ता उर्फ संदीप लाला की हत्या के बाद पुलिस अलीगंज से लेकर राजस्थान तक सुराग तलाश रही है। यूपी में क्लिंकर और सीमेंट किंग के नाम से पहचाने जाने वाले संदीप गुप्ता की हत्या के कारण जानने को हर कोई उतावला है। पुलिस भी इस हत्या के कारणों तक पहुंचने को एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है।
अलीगंज से लेकर अलीगढ़ और पश्चिमी यूपी से लेकर राजस्थान तक की हर छोटी-बड़ी व्यापारिक अदावतों पर गौर किया जा रहा है। आखिर किस अदावत में इनकी हत्या हुई होगी? यह जानने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद ट्रामा सेंटर पहुंचे डीआईजी व एसएसपी ने घंटों तक इनके ड्राइवर, गार्ड व परिवार के सदस्यों से बंद कमरे में पूछताछ कर क्लू तलाशने का प्रयास किया। मगर कोई ठोस क्लू हाथ नहीं लगा। हां, अब सर्विलांस से लेकर सीसीटीवी की मदद लेना शुरू कर दिया है और पांच टीमें घटना के खुलासे में लगाई गई हैं।
इस तरह फैला संदीप का कारोबारी साम्राज्य
संदीप गुप्ता के व्यापारिक साम्राज्य की बात करें तो उनका पुस्तैनी अलीगंज में संदीप साड़ी संसार के नाम से अपना व्यापार है। चार भाइयों में दूसरे नंबर के संदीप ने करीब दो दशक पहले ट्रांसपोर्ट कारोबार में प्रवेश किया और उस ट्रांसपोर्ट कारोबार के जरिये वह क्लिंकर व सीमेंट सप्लाई के किंग बनते चले गए। करीबी व जानकार बताते हैं कि वे पश्चिमी यूपी की सभी सीमेंट फैक्टिरयों को राजस्थान व अन्य जगहों से आने वाली मालगाड़ी रैक के जरिये क्लिंकर की सप्लाई देते थे। इसके बाद उन सीमेंट फैक्ट्रियों से तैयार होने वाले सीमेंट के सप्लायर भी बन गए।
अलीगढ़ उनके व्यापार का बेस कैंप था, जबकि गाजियाबाद, मेरठ, बरेली आदि में भी उनकी फर्म के दफ्तर हैं। व्यापार में उनके साथ उनका बेटा यश, भतीजा लवेश व परिवार के अन्य लोग हाथ बंटाते हैं। इसके अलावा वे बालू खनन, रीयल स्टेट, बिल्डिंग निर्माण, राजकीय ठेकेदारी से जुड़े कारोबारों में भी शामिल थे। जानकार बताते हैं कि अपने व्यवहार के दम पर उन्होंने क्लिंकर व सीमेंट कारोबार में ऐसी पैंठ बनाई कि अब वे यूपी के सीमेंट सप्लायर किंग कहे जाते थे।
सुबह अलीगंज से आए और शाम को पहुंचना था घर
परिवार के सदस्यों के अनुसार बेशक संदीप ने कावेरी एन्क्लेव में अपना दफ्तर व आवास बना रखा था। मगर वे ज्यादातर शाम के वक्त अलीगंज ही चले जाते थे। यहां उनका बेटा व भतीजा ही अक्सर रुका करते थे। सोमवार सुबह भी वे अलीगंज से आए थे। दिन में वे दिल्ली भी गए। शाम को लौटकर अपनी सुरक्षा के सिलसिले में डीआईजी से मिलने गए। वहां से लौटकर अपने दफ्तर पहुंचे। वहां कुछ देर रुककर कंपनी के अधिकारी को उनके ग्रीन पार्क स्थित घर छोड़कर खुद अलीगंज वापस जाने वाले थे। उससे पहले यह घटना हो गई।
सिक्योरिटी टीम को बोला था कि तुम ग्रीनपार्क पहुंचो
सिक्योरिटी टीम व ड्राइवर के अनुसार वैसे तो उनकी सिक्योरिटी टीम साथ में या पीछे गाड़ी में ही रहती थी। मगर शाम को अपने दफ्तर से ग्रीन पार्क जाते समय सिक्योरिटी टीम को यह बताया गया था कि तुम लोग ग्रीन पार्क पहुंचो। हम लोग पीछे पीछे आ रहे हैं। इस पर निजी सिक्योरिटी स्टाफ व पुलिस गनर स्कार्पियो में सवार होकर आगे आगे चलने लगे। कुछ पीछे ही अपनी काले रंग की फार्च्युनर यूपी 82 एएल 1000 में ड्राइवर संग आगे खुद सवार हो गए और पीछे अधिकारी निगम को बैठाकर चल दिए। जैसे ही गांधी आई तिराहा पर पहुंचे, तभी यह घटना हो गई।
इन अदावतों पर काम कर रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों की घंटों तक हुई पूछताछ में वैसे तो कोई स्पष्ट क्लू नहीं मिला है। मगर पुलिस को अंदेशा है कि हो न हो अलीगंज की किसी पुरानी अदावत या यूपी में कारोबार से जुड़ी किसी अदावत या फिर राजस्थान से माल सप्लाई से जुड़ी किसी अदावत में ये घटना हो सकती है। चूंकि, कारोबारी के ब्यूरोक्रेसी और सियासत में भी अच्छे रिश्ते थे। इसलिए माना रहा है कि जो भी अदावत हो, बड़ी सोच समझकर इस घटना को अंजाम दिया गया है।
इन सियासी लोगों से बेहद करीबियां
एटा से सांसद होने के नाते राजवीर सिंह राजू भैया से भी संदीप के बेहतर रिश्ते थे। इसके अलावा एमएलसी ठा.जयवीर सिंह से भी अच्छे रिश्ते थे। घटना की खबर पर खुद एमएलसी ठा.जयवीर सिंह ट्रामा सेंटर भी पहुंचे। इसके अलावा हाल ही में एक हमले में जख्मी हुए पूर्व जिपं सदस्य महेंद्र प्रताप उर्फ पिंका ठाकुर से भी बेहद करीबियां थीं।
पुलिस को स्टाफ ने बताया कि सोमवार को ही दिल्ली से लौटते समय संदीप गुप्ता गुरुग्राम में पिंका को देखने गए थे। इसके अलावा खबर पर मारहरा से विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, भाजपा जिलाध्यक्ष एटा संदीप जैन भी देर रात यहां पहुंच गए थे।