सीएए-एनआरसी के विरोध में जेएनयू छात्र शरजील इमाम 2020 में शरजील इमाम ने धरने में देश विभाजन करने संबंधी बयान देने का आरोप लगा। इस बयान का वीडियो वायरल होने पर दिल्ली के बाद अलीगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया था।
देश को विभाजित करने संबंधी बयान देने के आरोपों में फंसे बिहार निवासी जेएनयू छात्र शरजील इमाम पर दिल्ली के एक मुकदमे में आरोप तय कर लिए गए। लेकिन अभी तक अलीगढ़ में दर्ज मुकदमे में पांच साल में सिर्फ एक बार ही पेशी हुई है। उसके बाद से पुलिस उसे पेश नहीं कर सकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब तक शरजील की पेशी नहीं हो जाती मुकदमे में ट्रायल की प्रक्रिया कैसे शुरू होगी।
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सीएए-एनआरसी के विरोध के समय 2019 दिसंबर में एएमयू में उपद्रव हुआ। इसी बीच 2020 में शरजील इमाम धरने में शामिल होने आया। उस पर यहां देश विभाजन करने संबंधी बयान देने का आरोप लगा। इस बयान का वीडियो वायरल होने पर दिल्ली के बाद अलीगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया। सिविल लाइंस में दर्ज राष्ट्रद्रोह के मुकदमे में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लेकिन गिरफ्तारी के बाद सिर्फ एक बार पुलिस उसे दिल्ली से यहां तलब करा पाई।
मुकदमे में रिमांड बनने की प्रक्रिया हुई। इसके बाद आज तक उसे यहां पेश नहीं किया जा सका। इसके चलते आरोप बनने की प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई। नियमित मासिक तारीख अदालत में पड़ रही हैं। हर बार समन जारी होता है। लेकिन, यहां की पुलिस उसे पेश करने में अभी तक दिलचस्पी नहीं ले पाई।
शरजील इमाम जेल में निरुद्ध है। यहां अभी ट्रायल की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। तारीखों पर उसके अधिवक्ता जेल में होने के कारण हाजिरी माफी लगाते हैं। अब पुलिस को पत्राचार कर जल्द बुलाकर ट्रायल कराने के प्रयास होंगे। - सत्यानंद सिंह, विशेष अभियोजन अधिकारी