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शराब कांडः मदन का साथी इनामी अनिल गिरफ्तार, फैक्टरी पकड़ी

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जहरीली शराब कांड में नकली शराब सिंडिकेट के सहयोगी हरियाणा में शराब फैक्टरी चलाने वाले मदन गोपाल उर्फ कालिया का साझेदार 25 हजार का इनामी अनिल पकड़ा गया। वह गुरुग्राम की फैक्टरी में तो साझेदार था ही, साथ में अपने गांव बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र में भी फैक्टरी चला रहा था। गिरफ्तारी के साथ निशानदेही पर उसके घर से पुलिस ने वह फैक्टरी भी पकड़ी है।
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एसएसपी के अनुसार पिछले दिनों मडराक पुलिस द्वारा पकड़े गए फरीदाबाद निवासी मदनगोपाल कालिया ने अपनी गुरुग्राम में फैक्टरी पकड़वाई थी। उसी समय पूछताछ में खुलासा हुआ था कि इस फैक्टरी में अनिल उसका पार्टनर है। तभी से पुलिस उसे तलाश रही थी। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ था। तलाश के क्रम में रात मूल रूप से डिबाई बुलंदशहर के गांव गालिबपुर निवासी अनिल कुमार हाल निवासी बी-12 न्यू कालोनी एनआईटी फरीदाबाद को दबोच लिया गया है। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि वह अपने गांव में अवैध शराब फैक्टरी चलाता है। इस पर उसकी निशानदेही पर उसके पैतृक गांव के घर से शराब फैक्टरी पकड़ी है। वहां से शराब व उसे बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि पूर्व में जेल भेजे गए ऋषि, विपिन व शिवकुमार से उसके रिश्ते हैं। वह मदनगोपाल की फैक्टरी में साझेदार था। वह यहां अलीगढ़ में जिरौली डोर के मोनू को व बुलंदशहर के शराब ठेकों पर सप्लाई देने का काम करता था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
ये हुआ बरामद
- 45 पव्वा अपमिश्रित शराब, बार कोड-284, गुड ईवनिंग लेवल-270, मिस इंडिया लेवल-195, ढक्कन लाल रंग गुड ईवनिंग-120, ढक्कन हरा रंग मिस इंडिया-38, खाली पव्वे-170, 20 लीटर अपमिश्रित शराब, पव्वा सील करने वाली सिलिंग मशीन, डायरी व गुरुग्राम स्थित अवैध शराब फैक्ट्री के एग्रीमेंट के कागजात आदि ।
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दूसरी शादी के बाद 12 साल पहले आया धंधे में
अलीगढ़। पूछताछ में अनिल ने स्वीकारा कि वह पहले गांव में हरियाणा की शराब लाकर उसकी तस्करी करता था। यहां वह अपनी मां व पहली बीवी संग रहता था। इसी बीच उसने फरीदाबाद के एनआईटी इलाके की दूसरी महिला से शादी की। दूसरी बीवी को वहीं रखा और गांव से अक्सर आना जाना शुरू हो गया। इसी बीच उसकी मुलाकात मदन गोपाल से हुई और वह करीब 12 साल पहले मदन से जुड़कर इस धंधे में शामिल हो गया। मदन के साथ अलीगढ़ के जिरौली डोर के मोनू को व बुलंदशहर में शराब ठेकों पर सप्लाई देने लगा। इस दौरान उसकी मुलाकात ऋषि, विपिन व शिवकुमार से हुई। उसका मुख्य सप्लाई क्षेत्र बुलंदशहर जनपद रहा। बाद में मदन संग गुरुग्राम में फैक्टरी लगाई, जिसमें वह 50 फीसदी का साझेदार था। मोनू को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। अक्सर व मदन के काम से अलीगढ़ आता रहता था।
सरेंडर की तैयारी में आ रहा था अलीगढ़
अनिल ने स्वीकारा है कि वह इस मुकदमे में नाम आने व इनाम घोषित होने के बाद पहले हरियाणा में ही छिपा रहा। जब उसे लगा कि अब पुलिस उसे नहीं छोड़ेगी तो वह बुलंदशहर पहुंचा और यहां से अपने कुछ पैरोकारों की मदद से न्यायालय में सरेंडर की तैयारी में था। रात में अलीगढ़ आने की तैयारी में था। तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
शराब कांड में अब नहीं बचा कोई बड़ा नाम
इस शराब कांड में जितने प्रमुख सप्लायर, सिंडिकेट के मुख्य सदस्य थे। सभी दबोच लिए गए हैं। अब कोई बड़ी गिरफ्तारी होना शेष नहीं है। कुछ छोटे मोटे सदस्य हैं, जिन्हें तलाशा जा रहा है। जल्द ही वे गिरफ्तारी भी पूरी हो जाएंगी।
अरुण को भी जेल भेजा, अन्य की तलाश
इधर, महुआ खेड़ा पुलिस द्वारा दबोचा गया रामनिवास का सप्लायर अरुण निवासी सासनी गेट भी पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं उससे जुड़े व अनिल से जुड़े रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में टीमें लगी हुई हैं।
- शराब कांड में प्रमुख गिरफ्तारियां पूरी हो गई हैं। इनमें हरियाणा तक के अपराधी शामिल रहे हैं। अब पूरा फोकस विवेचनाओं के निस्तारण पर है। इसके साथ ही संपत्ति जब्तीकरण व अन्य कार्रवाई की जाएंगी।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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