ये सभी जानते हैं कि पुराने शहर में सब्जी मंडी चौराहा, कनवरीगंज फर्श, फूल चौराहा, जयगंज, खटीकान, देहली गेट, बनियापाड़ा, बाबरी मंडी, घास की मंडी आदि इलाके सबसे अतिसंवेदनशील हैं। इन इलाकों में सभी तरह के धार्मिक आयोजनों में मार्ग व स्थान बदले गए। चूंकि ये बॉर्डर के इलाके हैं। इसलिए ये बदलाव जरूरी माने गए। शहर में जब भी कोई विवाद होता है तो सब्जी मंडी चौराहा उसका केंद्र रहता है। बावजूद इसके इस स्थान को क्यों चुना गया। इस पर मुकदमे में अलग से जांच भी कराई जा रही है।
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पक्ष-विपक्ष में होती रही दिन भर चर्चा
इस प्रकरण को लेकर 7 अप्रैल को दिन भर पक्ष व विपक्ष पर चर्चा होती रही। यात्रा निकालने वाले पक्ष ने इसे अपनी जीत करार देते हुए कहा कि हमने परंपरा बदलकर संदेश दिया। वहीं जो इसके पक्षधर नहीं थे, वे कह रहे थे कि ऐसा करके एक नए विवाद को जन्म दिया गया है। पुलिस व खुफिया टीमें इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।