जिले की कोल, खैर, अतरौली, गभाना और इगलास तहसील में आय, जाति एवं मूल निवास प्रमाणपत्र जारी होने में हो रही देरी को लेकर प्रदेश के राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने डीएम से देरी का कारण पूछा है।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमाणपत्रों के निर्धारित समय सीमा में जारी न होने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें प्रमाणपत्र के लिए आवेदकों को होने वाली परेशानियों का जिक्र किया गया था। जबकि प्रमाणपत्रों को जारी करने के लिए राजस्व राज्य मंत्री ने पिछले दिनों ही तय समय सीमा में प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। इसमें आय, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए 20 दिन एवं वारिसान प्रमाण पत्र के लिए अधिकतम 30 दिन का समय दिया था। इसके बाद भी जिले की सभी तहसीलों में प्रमाणपत्रों को जारी करने में देरी की जा रही है। राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान के निजी सचिव सुशील गुप्ता ने बताया कि अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इस मामले में डीएम से प्रमाणपत्रों को जारी होने में होने वाली देरी का कारण पूछा है। राजस्व राज्य मंत्री ने प्रमाण पत्रों को निर्धारित समय सीमा में जारी करने को निर्देशित किया गया है।