विधानसभा चुनाव 2022 का बिगुल बज चुका है। नामांकन शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने चुनावी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का कार्य तेज कर दिया है। सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों की ड्यूटी तय की जा रही हैं। शासन ने कोरोना संक्रमण के प्रसार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में न लगाने के आदेश जारी किए हैं।
शासन के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके कारण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका और अधिक बढ़ गई है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के सरकारी वाहनों को चुनावी कार्यों से मुक्त रखा जाए। बताते चलें कि जिले में कुल 1629 मतदान केंद्र व 3117 मतदेय स्थल हैं। इनके 125 गुना यानी करीब 17 हजार सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी है। 25 प्रतिशत कर्मचारी रिजर्व में रखे जाएंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम सिटी राकेश पटेल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व बिजली विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारियों की ड्यूटी चुनाव में नहीं लगेगी। उनका इस्तेमाल चुनाव के दौरान मात्र कोविड संबंधी कामों के लिए किया जाएगा।
आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करेंगी कोविड संबंधी काम
एडीएम सिटी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की आशा एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल बूथों पर कोविड संबंधी कार्यों के लिए किया जाएगा। ये कर्मचारी मास्क, सैनिटाइजर वितरण व तापमान जांच आदि का काम करेंगी।